उज्जैन: सिंहस्थ-2028 को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है. कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने शहर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की बैठक लेकर उन्हें सनातन पुरातन और नूतन की अवधारणा के साथ उज्जैन की पहचान दुनिया तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया.कलेक्टर ने कहा कि महाकाल की नगरी उज्जैन में आगामी सिंहस्थ में 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालु, साधु-संत और अतिथि आएंगे. ऐसे में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम न होकर, शहर की आर्थिक, सांस्कृतिक और धार्मिक उन्नति का माध्यम बने.
कंटेंट ऐसा हो श्रद्धालु रुके
कलेक्टर ने कहा कि कंटेंट ऐसा हो, जिससे आने वाले अतिथि यहां कम से कम 2 से 4 दिन रुकें, जिससे स्थानीय व्यापार और सेवाओं को लाभ मिले. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल रील या वीडियो बनाना पर्याप्त नहीं, बल्कि कंटेंट ऐसा होना चाहिए जो उज्जैन, सिंहस्थ और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के हित में उपयोगी सिद्ध हो और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाए.
सनातन क्या है ,दिखाओ
बैठक में कलेक्टर ने सोशल मीडिया पर उज्जैन का वास्तविक स्वरूप प्रदर्शित करने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि शहर में धर्म, दर्शन और अध्यात्म की झलक स्पष्ट रूप से दिखनी चाहिए. उज्जैन केवल महाकाल तक सीमित नहीं, बल्कि यहां 84 महादेव, सप्तसागर, रुद्रसागर, प्राचीन देवालयों का विशाल इतिहास है. इनका महत्व, परंपरा और आध्यात्मिक धरोहर दुनिया तक पहुंचे.
नूतन उज्जैन की परिकल्पना
इसके साथ ही नूतन उज्जैन यानी शहर में तेजी से हो रहे विकास कार्य भी सोशल मीडिया पर प्रमुखता से दर्शाए जाएं. सिंहस्थ से पहले शहर में सड़कों का चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण, ब्रिज निर्माण, रोपवे, आईटी पार्क, मेट्रो ट्रेन, एयरपोर्ट विस्तार, मेडिसिटी, औद्योगिक निवेश जैसे कार्य एक आधुनिक उज्जैन की परिकल्पना को साकार कर रहे हैं. कलेक्टर ने कहा कि यह संयोजन बताएगा कि उज्जैन केवल पुरातन संस्कृति का प्रहरी ही नहीं, बल्कि नए भारत के आधुनिक विकास का ध्वजवाहक भी है.
अच्छा कंटेंट बनाया तो मिलेगी सुविधा
इन्फ्लुएंसर्स ने बैठक में कई बार मंदिर परिसर और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर प्रवेश न मिल पाने की समस्या भी रखी. इस पर कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि यदि आप गुणवत्तापूर्ण और शहर को लाभ पहुँचाने वाला कंटेंट बनाते हैं, तो प्रशासन स्वयं आवश्यक पहचान-पत्र जारी करेगा. 28 लाख फॉलोअर्स वाले उज्जैन लाइव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के संचालक नितिन शर्मा ने भी अपने सुझाव देते हुए कहा कि यदि जिला प्रशासन हमें कंटेंट फोटो वीडियो उपलब्ध कराएगा तो और आसानी होगी, कलेक्टर ने पॉइंट नोट किया.
शहर की छवि को नुकसान न पहुंचे
दर्जनो ऐसे भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है शहर में है जो केवल व्यूज़, सब्सक्राइबर या प्रसिद्धि पाने के लालच में ऐसा कंटेंट न बनाया जाए जो शहर की छवि को नुकसान पहुंचाए. इधर कलेक्टर ने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर उज्जैन को लेकर गंभीरता और संवेदनशीलता हो. क्या पोस्ट करना है, कब करना है और उसका क्या असर पड़ेगा, इसका जिम्मेदारी से विचार जरूरी है. प्रशासन उन इन्फ्लुएंसर्स के साथ खड़ा होगा जो उज्जैन की छवि मजबूत करें, न कि क्षति पहुंचाने वाले कंटेंट के पीछे जाएं.
विश्व पटल पर चमके उज्जैन
सिंहस्थ-2028 को सनातन पुरातन और नूतन की इस अवधारणा के साथ प्रस्तुत करने की तैयारी अब सोशल मीडिया की शक्ति के साथ आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे उज्जैन का वैभव, अध्यात्म और विकास एक साथ विश्व पटल पर चमक सके
