ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष तेज, क्लस्टर मिसाइल हमलों से यरुशलम और वेस्ट बैंक दहल, नागरिक बंकरों में शरण, सायरन बजें, जवाबी हमले, मध्य पूर्व और वैश्विक संकट बढ़ने की संभावना।
ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष लगातार और खतरनाक होता जा रहा है। सोमवार आधी रात के बाद इजरायल, यरुशलम और वेस्ट बैंक का आसमान ईरानी मिसाइलों की तेज रोशनी से दहल उठा। इन मिसाइलों में कथित तौर पर ‘क्लस्टर वॉरहेड’ लगे थे, जो हवा में फटकर कई छोटे-छोटे बमों में बंट जाते हैं और बड़े क्षेत्र में तबाही फैलाते हैं।
जानकारी के मुताबिक, हमलों के बाद कई इलाकों में एयर रेड सायरन बज उठे और लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों या बंकरों में जाने के निर्देश दिए गए। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला हाल के दिनों में हुए सैन्य टकराव का हिस्सा है।
पूरे इजरायल में लगातार बज रहे सायरन
रिपोर्ट के अनुसार, रविवार सुबह से ही पूरे इजरायल में लगातार सायरन बज रहे हैं, जिससे आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल है। माना जा रहा है कि यह हमला इजरायल द्वारा ईरान की राजधानी तेहरान पर किए गए हवाई हमलों का जवाब है, जो अराद और डिमोना पर पहले हुए हमलों के बाद किए गए थे।
क्लस्टर मिसाइलों का उपयोग खास तौर पर रिहायशी इलाकों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है, क्योंकि यह एक साथ बड़े इलाके को प्रभावित करती हैं। यरुशलम और वेस्ट बैंक में लाखों लोग इस समय बंकरों में शरण लेने को मजबूर हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि नागरिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है।
ईरान ने अमेरिका को धमकी
इससे पहले ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने उसके बिजली ढांचे पर हमला किया, तो वह खाड़ी देशों के ऊर्जा और पानी संयंत्रों को निशाना बनाएगा। इस बयान ने आशंका बढ़ा दी है कि संघर्ष अब सैन्य ठिकानों से आगे बढ़कर नागरिक बुनियादी ढांचे तक पहुंच सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऊर्जा और पानी जैसे महत्वपूर्ण ढांचे पर हमले शुरू होते हैं, तो इसका असर वैश्विक स्तर पर पड़ेगा। तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है और शेयर बाजारों में अस्थिरता देखने को मिल सकती है। इस बढ़ते तनाव ने पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र को एक बड़े संकट के मुहाने पर ला खड़ा किया है।
