बड़वानी: सरदार सरोवर बांध की डूब में शहर के समीप राजघाट ग्राम कुकरा जलमग्न हो चुका है। इससे यहां रोहिणी तीर्थ के घाट, मंदिर से श्रद्धालुओं की दूरी हो गई है। पुराने फिल्टर प्लांट के पास ही श्रद्धालु बैकवाटर किनारे स्नान, पूजन-दर्शन का लाभ ले रहे हैं। हालांकि यहां शहर से निकलने वाले गंदा नाला मिलता हैं, ऐेसे में दिक्कत भी आती है। श्रद्धालुओं को राजघाट किनारे ही नर्मदा पुजन-दर्शन का लाभ प्राप्त हो, इसके लिए राजघाट के पास ही ऊंचे टापू क्षेत्र जागीरदारपुरा में नवीन घाट का निर्माण कराया जा रहा है।
जागीरदारपुरा नवीन घाट निर्माण समिति अध्यक्ष अजयसिंह ठाकुर ने बताया कि गत माह जुलाई में अचानक नर्मदा का बैकवाटर बढऩे से निर्माण कार्य रोकना पड़ा था। हालांकि इसके बाद बैकवाटर में कमी होने से ताबड़तोड़ काम शुरू कराया गया। जिससे वर्तमान में 30 बाय 100 मीटर एरिया में घाट का बैसमेंट तैयार कर पेढिय़ां बनाई जा रही हैं। अब तक 7 से अधिक पेढिय़ां बनाई जा चुकी हैं। यह काम लगातार जारी है। नवीन घाट से श्रद्धालु रोहिणी तीर्थ के जलमग्न होने पर भी दर्शन-पुजन का लाभ ले पाएंगे।
