ढाबों और यूरिया पाइंट की आड़ में अवैध बायोडीजल का कारोबार

सेंधवा: शहर के सेंधवा, मुंबई-आगरा राजमार्ग से गुजरने वाले ट्रकों से अवैध तरीके से डीजल खरीदकर ढाबों और यूरिया पाइंट की आड़ में सप्लाई का खेल खुलेआम चल रहा है। बरूफाटक क्षेत्र में डीजल की टंकियों से निकाला गया। यह ईंधन बड़े पैमाने पर खुले मैदानों और ढाबों के पीछे बने टैंकों में जमा कर बेचा जा रहा है।
यह डीजल पम्पों की तुलना में कम दामों पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

इसका इस्तेमाल निजी ट्रकों, स्कूल बसों और स्थानीय यात्री वाहनों में हो रहा है। स्थानीय लोग इसे बायोडीजल कह कर प्रयोग कर रहे हैं, जबकि यह मानक से बेहद नीचे और मिलावटी बताया जा रहा है। पेट्रोलियम कंपनियों की गाइडलाइन के अनुसार ईंधन केवल लाइसेंस प्राप्त पेट्रोल पंपों से बेचा जा सकता है, लेकिन नियमों की अनदेखी कर यह गोरखधंधा जारी है।
कार्रवाई के बावजूद गोरखधंधा चालू
गौरतलब है कि करीब दो-तीन साल पहले प्रशासन ने ठीकरी से लेकर जुलवानिया तक कार्रवाई करते हुए कई अवैध बायोडीजल पंप सील किए थे। हालांकि कुछ माह बाद ही यह कारोबार फिर से चालू हो गया। प्रशासन की चुप्पी और सख्त कार्रवाई न होने से इस धंधे को बढ़ावा मिल रहा है।
कार्रवाई के निर्देश दिए है
ठीकरी तहसीलदार, जगदीश वर्मा द्वारा बताया गया कि अवैध बायोडीजल विक्रय की शिकायत सामने आई है। उन्होंने कहा कि खाद्य विभाग द्वारा अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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