जबलपुर: मेसर्स ख़ुशी ट्रेडर्स बेनीखेड़ा विकासखंड पाटन के प्रतिष्ठान का निरीक्षण 10/ 07/ 2025 को उपसंचालक कृषि डॉ.एस.के. निगम के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी कृषि पाटन डॉ. इंदिरा त्रिपाठी एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी / उर्वरक निरीक्षक पाटन पंकज श्रीवास्तव द्वारा किया गया | निरीक्षण मैं उक्त मेसर्स द्वारा स्टाक एवं भाव फलक का प्रदर्शन नही करना, कैश, एवं क्रेडिट मेमो जारी न करना, क्रय विक्रय रिपोर्ट प्रति माह न देना कृषको को निर्धारित प्रारूप में कैश मेमो नहीं दिया जाना एवं पी ओ एस मशीन में 23.92 टन स्टाक था परन्तु भौतिक स्टाक जीरो पाया गया था.
जिस पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 4,5,7, 31 एवं 35 का उल्लंधन था जिस पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी/उर्वरक निरीक्षक पाटन द्वारा लायसेंस निलंबन की अनुशंसा उप संचालक कृषि को की थी उपसंचालक कृषि जबलपुर द्वारा 11/07/2025 को उक्त मेसर्स का उर्वरक का फुटकर लायसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था |
अनुविभागीय अधिकारी कृषि पाटन डॉ. इंदिरा त्रिपाठी एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी/उर्वरक निरीक्षक पाटन पंकज श्रीवास्तव द्वारा आई. एफ. एम्.एस. पोर्टल पर जांच के दौरान पाया गया कि मेसर्स ख़ुशी ट्रेडर्स बेनिखेड़ा के निलंबित लायसेंस पर थोक विक्रेताओं द्वारा इनके फ़ार्म के पी ओ एस में खाद का आना प्रदर्शित हो रहा था और ख़ुशी ट्रेडर्स के प्रोपराईटर के द्वारा किसानो को पी ओ एस के माध्यम से खाद विक्रय किया जाना पाए जाने पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी/उर्वरक निरीक्षक पाटन द्वारा लिखित में उपसंचालक कृषि जबलपुर को प्रतिवेदन दिया गया ।
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर उपसंचालक कृषि जबलपुर द्वारा कलेक्टर जबलपुर के निर्देश पर मेसर्स ख़ुशी ट्रेडर्स बेनिखेड़ा विकासखंड पाटन के प्रोपराईटर मनीष कुमार सोनी के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 (2)(d) एवं धारा 7 एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985की धारा 4,5,7, 8 31 एवं 35 के उलंधन पर थाना पाटन में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी / उर्वरक निरीक्षक पाटन द्वारा एफ आई आर दर्ज कराई गई |उप संचालक कृषि डॉ एस कि निगम ने निलंबित लाइसेंस मैसर्स ख़ुशी ट्रेडर्स को लाइसेंस निलंबित के बाद भी खाद देने पर एवं ख़ुशी ट्रेडर्स के लाइसेंस मैं संबंधी थोक विक्रेता सुहाने एग्रो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड जबलपुर एवं श्रेयांशी ट्रेडर्स जबलपुर को कारण बताओ नोटिस जारी कर ज़बाब चाहा गया है ।
