पेटेंट कार्यालय के अधिकारी अपने दायित्व के साथ कोई समझौता न करें : गोयल

नयी दिल्ली, 13 अगस्त (वार्ता) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को भारत के पेटेंट कार्यालय (आईपीओ) के अधिकारियों को अपने दायित्वों के प्रति निरंतर सजग रहने का आह्वान करते हुए कहा, “ हम कोई ऐसा काम, ऐसी चूक न करें, जिससे हमें शर्मिदा होना पड़े या हमारी बदनामी हो।”

श्री गोयल ने राजधानी के द्वारका क्षेत्र में निर्मित आईपीओ के नये मुख्यालय भवन को देश को समर्पित कर रहे थे। आईपीओ के नये भवन की कल्पना पूर्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री अरुण जेटली ने की थी। कार्यक्रम में वाणिज्य राज्य एवं उद्योग विभाग में राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित थे।

श्री गोयल ने कहा कि देश की तरक्की में पेटेंट कार्यालय के अधिकारियों के काम का बड़ा महत्व है। उन्होंने आईपीओ के अधिकारियों से पूरे मिल-जुल कर निष्ठा से काम करने और आरएंडडी और नवाचार का आधार स्तम्भ बनने की अपील की। उन्होंने कहा, “ हम कभी ऐसा काम न करेंगे , ऐसा कोई समझौता न करेंगे, जिससे हमें शर्मिंदा होना पड़े । हमें देश को एक परिवार मान कर काम करने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा कि किसी भी देश के आर्थिक वृद्धि और विकास में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) तथा नवाचार का बड़ा महत्व होता है। उन्होंने कहा, “ इस देश के विकास की इस यात्रा में पेटेंट डिजाइन, ट्रेडमार्क या कॉपीराइट का बड़ा महत्व है। यह बात समझने की है कि विभाग के अधिकारियों का अच्छा काम, कार्यकुशलता, ईमानदारी पर भारत की विकास यात्रा बहुत निर्भर करती है।”

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि देश में आरएंडडी में लगे लोगों और स्टार्टअप इकाइयों के लिए भारतीय पेटेंट कार्यालय (आईपीओ) के अधिकारियों का काम बहुत महत्वपूर्ण है। पेंटेंट कार्यालय में काम करने वाले लोगों की तुलना उन्होंने

‘राम सेतु’ की गिलहरी से की।

श्री गोयल ने अनुसंधान और विकास पर वर्तमान सरकार की ओर से दिये जा रहे बल का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘जय जवान, जय किसान’ के शास्त्री जी के नारे में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ‘जय विज्ञान’ और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘जय अनुसंधान ’जोड़ा है।

श्री गोयल ने कहा, “अनुसंधान और विकस से ही देश आगे बढ़ते हैं, भारत के विकास में भी इसकी बड़ी भूमिका है। जो बौद्धिक मेहनत करते हैं, वे ज्यादा आगे जाएंगे।” उन्होंने कहा कि अनुसंधान भारत की सहस्राब्दियों पुरानी परम्परा है। इसी संदर्भ में उन्होंने कोणार्क में मंदिर की सूक्ष्म इंजीनियरिंग का उल्लेख किया। उन्होंने आज अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर उन्हें इसी संदर्भ में श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अहिल्याबाई ने देश में कई ध्वंस मंदिरों का पुनर्निर्माण करवा कर भारत की विरासत को पुनर्जागृत किया।

इस अवसर पर श्री प्रसाद ने कहा कि आज भारत के उत्पादों की गुणवत्ता विश्वस्तरीय है। हम जब विदेशों से मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) करते हैं, तो देश की ताकत की बदौलत बराबरी के स्तर पर बात करते हैं। ग्लोबलाइजेशन सूचकांक में स्थान तेजी से ऊपर उठ रहा है।

आईपीओ का सात मंजिला भवन पर्यावरण अनुकूल इमारत है। इसमें 1.40 लाख वर्ग फुट जगह है। इसकी पहली दो मंजिलें पहले तैयार हो गयी थीं, जिन्हें फिर से ठीक किया गया है।

 

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