सीहोर. बारिश का मौसम शुरू होते ही वर्षाजन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के मामले सामने आने लगते हैं. हालांकि इस बार सतर्कता और बारिश थमने से जिले में पांच दिनों से कोई नया मरीज नहीं मिला है. अब तक डेंगू के 12, मलेरिया के सात और चिकनगुनिया के चार मरीज मिले हैं. प्रभावित गांवों में दवा का छिड़काव और लोगों को समझाइश दी जा रही है.
स्वास्थ्य विभाग ने बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है. तेज बुखार, कंपकंपी, सिरदर्द, उल्टी, कमजोरी, मितली और ठंड लगना मलेरिया के लक्षण हो सकते हैं. बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग, खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाना, हल्के रंग के कपड़े पहनना और हाथ-पैर ढंकना जरूरी है. कूलर, टंकी, बैरल का पानी बदलें और रुके पानी को ढककर रखें. डेंगू फैलाने वाला मच्छर साफ पानी में पनपता है और दिन में काटता है, इसलिए सावधानी बरतें.
जिले में जनवरी से अब तक कुल 23 मरीज मिले हैं. जहां मरीज पाए गए हैं, वहां कीटनाशक छिड़काव के साथ मरीजों का फॉलोअप किया जा रहा है. बारिश के बाद जलभराव वाले स्थानों पर गम्बूशिया मछली और ऑयल बॉल डाले जाएंगे. फिलहाल विभाग गांवों और शहर दोनों पर कड़ी नजर रख रहा है.
