
नयी दिल्ली 03 जून (वार्ता) केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय में सचिव नीलम शमी राव ने मंगलवार को कहा कि देश में तिरुप्पुर, सूरत और पानीपत जैसे कपड़ा उद्योग केन्द्रों में पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी की दृष्टि से स्वस्थ प्रक्रिओं का अपनाया जाना एक वास्तविकता बन चुका है।
सुश्री शमी राव ने कहा कि इन केंद्रों में कपड़ा विनिर्माण संकुलों में अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण, नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने और कपड़ा अपशिष्ट प्रबंधन जैसे प्रयास पहले से ही चल रहे हैं। वह मंगलवार को भारतीय कपड़ा और परिधान उद्योग के लिए एक दृष्टिकोण बनाने के लिए ईएसजी टास्क फोर्स की चौथी बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि इन केंद्रो पर कपड़ा उद्योग ने सराहनीय प्रगति की है, उन्होंने सहयोगी और सहकारी दृष्टिकोण के माध्यम
से इन उपायों को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि स्थिरता अब एक विकल्प नहीं है, बल्कि भारत के कपड़ा क्षेत्र के भविष्य के लिए एक परिभाषित अनिवार्यता है।
बैठक में मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव रोहित कंसल, कपड़ा आयुक्त डॉ एम बीना, संयुक्त सचिव (फाइबर) पद्मिनी सिंगला, आर्थिक सलाहकार, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय सुश्री रेणु लता, ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के उप महानिदेशक अशोक कुमार तथा संबंधित मंत्रालयों, उद्योग संघों, ब्रांडों, बहुपक्षीय एजेंसियों और अन्य प्रमुख हितधारकों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
बैठक में प्रमुख संघों और विशेषज्ञों के माध्यम से परामर्श में संपूर्ण कपड़ा मूल्य श्रृंखला का प्रतिनिधित्व किया गया।
