
बैतूल। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं क्रांतिकारी सरदार विष्णु सिंह उइके की मूर्ति स्थापना दिवस के अवसर पर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन द्वारा एक भव्य एवं अनुशासित सांस्कृतिक महारैली का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मध्यप्रदेश के कोने-कोने से हजारों आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए।
रैली में सहभागी पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों, नृत्य, और झंडों के साथ बैतूल की सड़कों पर उतरे। आयोजन स्थल पर उमड़ा जनसैलाब आदिवासी समाज की एकता, सांस्कृतिक गौरव और इतिहास के प्रति सम्मान का प्रतीक बना।
जयस संगठन द्वारा यह आयोजन लगातार सात वर्षों से परंपरागत रूप से किया जा रहा है। यह कार्यक्रम अब एक सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक चेतना का केंद्र बन गया है, जिसमें हर वर्ष उत्साह और भागीदारी का स्तर बढ़ता जा रहा है।
जयस के बैतूल जिला अध्यक्ष संदीप धुर्वे ने बताया कि समाज के लोगों की लगातार बढ़ती भागीदारी को देखते हुए, कार्यक्रम की योजना समाज की बैठक में पहले ही बना ली गई थी। उन्होंने बताया कि रैली को शांतिपूर्ण, अनुशासित और प्रभावशाली बनाने के लिए महत्वपूर्ण नियम और दिशा-निर्देश तय किए गए, जिनका सभी प्रतिभागियों ने पूर्णतः पालन किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने सरदार विष्णु सिंह उइके के जीवन, संघर्ष और आदिवासी समाज के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि आज के युवा अपने पूर्वजों के आदर्शों को अपनाकर समाज के हित में काम करें।
रैली में पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत और सांस्कृतिक झांकियों के माध्यम से आदिवासी समाज की विविधता और समृद्ध संस्कृति को दर्शाया गया। साथ ही, सामाजिक एकता और संगठन की शक्ति का भी स्पष्ट संदेश दिया गया।
