नयी दिल्ली, 11 अगस्त (वार्ता) भारतीय मूल की ब्रिटिश नागरिक बोधना शिवानंदन ग्रैंडमास्टर पीटर वेल्स को हराने वाली सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ी बन गयी है।
इंग्लिश शतरंज महासंघ (ईसीएफ) द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, “हैरो की इस 10 वर्षीय खिलाड़ी ने रविवार को लिवरपूल में 2025 ब्रिटिश शतरंज चैंपियनशिप के अंतिम दौर में 60 वर्षीय ग्रैंडमास्टर पीटर वेल्स को हराकर जीत हासिल की। 10 साल, पांच महीने और तीन दिन की उम्र में शिवानंदन की यह जीत अमेरिकी कैरिसा यिप के 2019 के रिकॉर्ड को तोड़ती है, जो आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय मास्टर बनीं।”
ईसीएफ ने कहा कि बोधना की जीत ने महिला अंतरराष्ट्रीय मास्टर खिताब हासिल करने के लिए आवश्यक अंतिम ‘मानदंड’ या परिणाम भी हासिल कर लिया है, जो शतरंज के सर्वोच्च खिताब, ग्रैंडमास्टर, की ओर एक कदम है। बोधना ने इस आयोजन के दौरान 24 रेटिंग अंक हासिल किए और 26वें स्थान पर रहीं एक 10 वर्षीय खिलाड़ी के लिए यह उल्लेखनीय उपलब्धि है।
ईसीएफ के विशेषज्ञ कमेंटेटर डैनी गोरमली ने कहा, “आखिरकार उन्होंने यह कैसे जीत लिया। वह जरूर कोई जादूगरनी होंगी। उन्हें सरल पोजिशनल मूव्स खेलना पसंद है, कुछ खास नहीं, वह बहुत मजबूत खिलाड़ी हैं और खेल के आखिर में अपने विरोधियों को मात देने का प्रयास करती हैं। उनके खेल में विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन या महान जोस राउल कैपब्लांका की झलक दिखती है। मुझे लगता है कि मैग्नस कार्लसन शायद उनके शतरंज के नायकों में से एक हैं।”

