
प्रवर्तन निदेशालय ने ₹58 करोड़ की ‘अवैध कमाई’ का दावा किया, जिसमें दो कंपनियों – BBTPL और SLHPL – के जरिए पैसों के लेन-देन का आरोप है।
नई दिल्ली, 11 अगस्त (वार्ता): प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें दो कंपनियों ब्लू ब्रीज ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड (BBTPL) और स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड (SLHPL) का जिक्र किया गया है। ईडी का आरोप है कि इन दोनों कंपनियों के जरिए ₹58 करोड़ की ‘अवैध कमाई’ की गई थी।
क्या है BBTPL और SLHPL का पूरा मामला?
ईडी की चार्जशीट के अनुसार, यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम में एक जमीन सौदे से जुड़ा है। ईडी का दावा है कि वाड्रा की कंपनी SLHPL को बिना किसी भुगतान के 3.5 एकड़ जमीन मिली, जो उस समय के हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा से लाइसेंस दिलाने के एवज में दी गई थी। इस जमीन को बाद में DLF को ₹58 करोड़ में बेचा गया। आरोप है कि इस ₹58 करोड़ में से ₹5 करोड़ BBTPL के जरिए और ₹53 करोड़ SLHPL के जरिए आए। इन पैसों का इस्तेमाल कथित तौर पर संपत्तियां खरीदने और अन्य देनदारियां चुकाने में किया गया। ईडी ने आरोप लगाया है कि यह पूरी प्रक्रिया मनी लॉन्ड्रिंग के तहत की गई थी। रॉबर्ट वाड्रा के कार्यालय ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है।
