
मंडला। जिले में विश्व आदिवासी दिवस बड़े ही उत्साह और पारंपरिक अंदाज में मनाया जा रहा है। सुबह से ही आदिवासी समुदाय के लोग पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-मांदर की थाप पर नाचते-गाते जुलूस के रूप में निकले। विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लेकर आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया।
दोपहर में मुख्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ आदिवासी नृत्य और गीतों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। वक्ताओं ने आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और अधिकारों पर प्रकाश डाला। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए और अतिथियों का आदिवासी रीति-रिवाजों से सम्मान किया गया।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जिले में दिनभर उल्लास का माहौल रहा और शाम तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रहने की संभावना है।
