तेल अवीव, 08 अगस्त (वार्ता) इज़रायल सरकार ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की पूरे गाजा पट्टी पर कब्ज़ा करने की योजना को मंज़ूरी दे दी है।
श्री नेतन्याहू के कार्यालय ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की।
श्री नेतन्याहू ने कहा कि हमास के बाद की इस सरकार के लिए एक ‘विस्तृत योजना’ तैयार की जाएगी, जिसमें इजरायल आंतरिक प्रशासन में कोई भूमिका नहीं निभाएगा और न ही फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण को कोई भूमिका निभाने की अनुमति देगा। उन्होंने कहा कि यह एक नागरिक प्रशासन होगा।
उन्होंने इस क्षेत्र पर कब्ज़ा करने की अपनी योजना और उसके मतलब को समझाते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम हमास को वहां से हटाना और लोगों को गाजा से मुक्त कराने के साथ ही वहां नागरिक शासन स्थापित करना चाहते हैं।”
उन्होंने कहा, “हम इसे बनाए नहीं रखना चाहते। हम एक सुरक्षा घेरा चाहते हैं, लेकिन हम इसे नियंत्रित नहीं करना चाहते। हम वहाएक शासक निकाय के रूप में नहीं रहना चाहते।”
इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा कि इज़रायल इसे अरब सेनाओं को सौंपना चाहता है जो हमें धमकी दिए बिना, इसे ठीक से चलाएंगी और गाजावासियों को एक अच्छा जीवन प्रदान करेंगी। श्री नेतन्याहू की योजनाएं संसद में बहुमत से पारित हो चुकी हैं। मंत्रिमंडल ने अपने मतदान में ‘युद्ध की समाप्ति’ के लिए पांच आवश्यक सिद्धांतों को अपनाया जिसमें हमास का निरस्त्रीकरण, सभी बंधकों (जीवित और मृत) की वापसी, गाजा पट्टी का विसैन्यीकरण, गाजा पट्टी में इज़रायली सुरक्षा नियंत्रण और एक वैकल्पिक नागरिक सरकार की स्थापना जो यरुशलम या फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण की किसी भी निगरानी से मुक्त हो।
टाइम्स ऑफ़ इज़राइल की रिपोर्ट के अनुसार इस योजना की कई लोगों द्वारा कड़ी आलोचना की जा रही है, जिसका उद्देश्य पूरे क्षेत्र पर कब्ज़ा करना है और इसके बाद एक संक्रमणकालीन सरकार की स्थापना की जाएगी।
इस बीच इजरायल रक्षा बल(आईडीएफ) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल अमीर ज़ायल ने पहले चेतावनी दी थी कि पट्टी पर कब्ज़ा करने से इज़राइल एक ब्लैक होल में चला जाएगा।
वहीं, कुछ बंधकों परिवारों ने भी चेतावनी दी है और कहा कि विस्तारित अभियान जीवित बंदी को खतरे में डाल देंगे।
