धर्म व्यक्तिगत आस्था का विषय है: सुक्खू

नयी दिल्ली 02 अगस्त (वार्ता) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि धर्म व्यक्तिगत आस्था का विषय है और सरकार का दृष्टिकोण धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए, जिसमें प्रत्येक धर्म का सम्मान एवं देश के शांति एवं सौहार्द की प्राचीन परम्पराओं को कायम रखा जाना चाहिए।

श्री सुक्खू ने शनिवार को यहां विज्ञान भवन में कांग्रेस के विधि, मानवाधिकार एवं सूचना के अधिकार (आरटीआई) विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में संवैधानिक चुनौतियांः परिप्रेक्ष्य एवं मार्ग के दूसरे सत्र की अध्यक्षता की और इस मौके उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सर्व-धर्म समभाव की विचारधारा पर चलते हुए देश में भाईचारे की भावना को पोषित किया जाना चाहिए, जो धर्मनिपेक्षता और धार्मिक स्वतंत्रता का मजबूत आधार है।

उन्होंने कहा कि हमारे देश में प्रत्येक धर्म का सम्मान किया जाता है और देश की विविधता ही देश की ताकत है।

उन्होंने कहा,“ हम अपनी धार्मिक सहिष्णुता के लिए जाने जाते हैं और इन समृद्ध मूल्यों के अभाव में समाज में हिंसा और संघर्ष की परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं।”

उन्होंने कहा कि धर्म लोगों को आपस में जोड़ता है और धर्म का इस्तेमाल लोगों को बांटने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। धर्म को राजनीति से अलग करने के हर संभव प्रयास किये जाने चाहिए।

कार्यक्रम में लोकसभा में विपक्ष के राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, डॉ. अभिषेक सिंघवी और अन्य ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये।

 

Next Post

मोदी और भूपेन्द्र पटेल के बीच महत्वपूर्ण बैठक

Sat Aug 2 , 2025
नयी दिल्ली 02 अगस्त (वार्ता) गुजरात में भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक बदलावों तथा केन्द्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल के लिए चल रही कवायद के बीच मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने शनिवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दोनों नेताओं के बीच […]

You May Like