नयी दिल्ली, 01 अगस्त (वार्ता) चुनाव आयोग ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण के पहले चरण(गणना चरण) के समापन के उपरांत शुक्रवार को नयी मतदाता सूची के प्रारुप का प्रकाशन कर दिया गया है और यह आयोग के ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है।
आयोग ने एक विज्ञप्ति में कहा कि बिहार के सभी 38 जिलाधिकारी ने सभी 243 विधान सभा क्षेत्रों के सभी 90,712 बूथों की प्रारूप मतदाता सूची भी सभी राजनैतिक दलों के साथ आज साझा कर दी गयी।
चुनाव आयोग ने इस काम को अतुलनीय, पारदर्शी एवं निष्पक्ष टीम वर्क की मिसाल बताया है। हर गांव, हर वार्ड, हर घर तक पहुँचने तथा प्रत्येक योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के प्रयासों के अंतर्गत बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ), सभी 38 जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी (दडीईओ), 243 निर्वाचक नामांकन पदाधिकारी (ईआरओ), 2,976 सहायक निर्वाचक नामांकन पदाधिकारी (जीआरओ), 90,712 मतदाता केंद्रों पर तैनात बीएलओ, लाखों वॉलंटियर्स तथा सभी 12 राजनैतिक दलों के जिला अध्यक्षों द्वारा नामित 1.6 लाख बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) ने अपनी अहम जिम्मेदारी का निर्वहन किया।
आयोग ने कहा है कि बिहार के 7.24 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने एन्युमरेशन फॉर्म भरा है। अब दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जा रही हैं। पहली अगस्त से पहली सितंबर तक कोई भी मतदाता या राजनीतिक दल संबंधित ईआरओ (इलेक्ट्रोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) के समक्ष योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने और अयोग्य मतदाताओं का नाम हटाने के लिए निर्धारित प्रपत्र भरकर दावे एवं आपत्तियाँ दर्ज कर सकता है । अब भी एक महीने का समय है नाम जुड़वाने का
सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे सूची में अपना नाम जांचें, और यदि नाम नहीं है तो अपना नाम जुड़वाने के लिए फ़ॉर्म-6 के साथ घोषणापत्र (घोषणा पत्र) भरकर जमा करें ।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि युवा मतदाता जो एक जुलाई या एक अक्टूबर-2025 तक 18 वर्ष के हो चुके हैं, उन सभी को भी फ़ॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराना चाहिए। गहन पुनरीक्षण के अनुसार प्रारूप सूची से कोई भी नाम हटाने से पहले संबंधित ई आर ओ और सहायक ई आर ओ को सुनवाई का मौक़ा देकर लिखित आदेश जारी करने होंगे जिनके ऊपर जिलाधिकारी तथा राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी अपील सुन सकेंगे।
