भोपाल: राजधानी भोपाल में बीते तीन दिनों से जारी भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। रविवार रात से आज बुधवार सुबह तक कुल 140 मिमी करीब 5.5 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो जुलाई 2022 के बाद की सबसे तीव्र वर्षा में शामिल है। मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक हुई अतिरिक्त बारिश ने पहले से जलमग्न शहर की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। हालंकि नगर निगम की टीमों ने लगातार पंपों के माध्यम से जल निकासी की कोशिशें जारी रखीं, विशेष रूप से पॉश कॉलोनियों और तहखानों में जहां पानी भर गया था।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश में सक्रिय लो-प्रेशर सिस्टम और 5.8 किमी ऊंचाई तक फैले चक्रवातीय दबाव क्षेत्र के कारण यह भारी वर्षा हो रही है। राजधानी के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार को रात भर रुक-रुककर तेज बारिश होती रही, जिससे जलभराव और ट्रैफिक बाधा की स्थिति बनी रही।
राजधानी के हमीदिया रोड, कोहेफिजा, टीटी नगर, एमपी नगर, अरेरा कॉलोनी और बावड़िया कला जैसे इलाकों में कई कॉलोनियां जलमग्न हैं। कई घरों और दुकानों में पानी भर गया है।
इधर,राजधानी के प्रमुख मार्गों पर जलभराव के कारण हजारों वाहन फंसते और निकलते रहे। मंगलवार देर रात तक सड़कों पर लंबा जाम रहा। जबकि कोलार, शाहपुरा और गुलमोहर,अयोध्या और पुराने भोपाल की कई बस्तियों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। उधर, श्यामला हिल्स और रोशनपुरा क्षेत्र में पेड़ गिरने से आवागमन अवरुद्ध हुआ, हालांकि कोई की सूचना नहीं है। लेकिन NDRF और SDRF की टीमें अलर्ट पर हैं। आज बुधवार को भोपाल के सभी स्कूलों में अवकाश है। कलियासोत डैम के गेट खोले गए हैं ताकि बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित किया जा सके। फिलहाल भोपाल में राहत की उम्मीद नहीं है,आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट अब भी खतरे की घंटी बजा रही है।
