मुंबई, (वार्ता) ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार को राज्य के 10 जिलों में ‘उम्मेद मॉल’ जिला बिक्री केंद्र बनाने को मंजूरी दे दी।
दो सौ करोड़ रुपये के कोष से समर्थित इस पहल का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाज़ार उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुयी मंत्रिमंडल की बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के ‘उम्मेद-महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका उत्थान मिशन’ के तहत इस परियोजना को मंज़ूरी दी गयी। ये मॉल स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को स्थानीय और राष्ट्रीय बाज़ारों से जोड़ने वाले समर्पित प्लेटफ़ॉर्म के रूप में काम करेंगे और महिलाओं में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देंगे।
यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी, जिसमें पहले 10 जिलों का चयन किया जाएगा और फिर पूरे राज्य में इसका विस्तार किया जाएगा। प्रत्येक उमेद मॉल का निर्माण ज़िला परिषद द्वारा उपलब्ध कराई गयी ज़मीन पर किया जाएगा, जिसकी अधिकतम व्यय सीमा 20 करोड़ रुपये प्रति केंद्र होगी।
इस डिज़ाइन में मॉल के भीतर स्वयं सहायता समूहों के लिए अनाज रखने के लिए गोलाकार केंद्र की व्यवस्था और विशेष रूप से महिला सदस्यों के लिए समर्पित संचार और प्रशिक्षण हॉल शामिल होंगे। ज़िला चयन में उन ज़िला परिषदों को प्राथमिकता दी जाएगी जो परियोजना के लिए केंद्र में स्थित भूमि आसानी से उपलब्ध कराएंंगी।
कार्यान्वयन की ज़िम्मेदारी महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर होगी, जो निविदा, योजना और कार्यान्वयन का प्रबंधन करेंगे। उमेद मॉल के निर्माण के बाद, रखरखाव और मरम्मत का काम संबंधित ज़िला परिषदों द्वारा किया जाएगा।
