जबलपुर: सड़क दुर्घटनाओं को रोकने व यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्ट्रेट में पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कहा गया कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के लायसेंस निरस्त किया जाये। साथ ही ई-रिक्शा प्रबंधन संबंध में विस्तार से चर्चा कर कहा गया कि इस संबंध में उपयुक्त नीति बनाई जाये ताकि शहर की यातायात व्यवस्था समुचित रूप से संचालित हो सके।
जबलपुर से मंडला और कटनी मार्ग में चलने वाली बसों के संबंध में भी चर्चा की गई और कहा गया कि इसमें संयुक्त टीम जांच कर उचित रूट निर्धारित करे, ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने। भारी वाहनों की शहर में नो-एंट्री के संबंध में भी चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिये गये। इसके साथ ही कहा गया कि अंधमूक चौराहे पर निरंतर हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाया जाये।
खनिज से जुड़े वाहनों को चेक करें और आवश्यक कार्यवाही करें। बैठक में ब्लैक स्पॉट, ट्राफिक सिग्नल, ऑटो-ईरिक्शा स्टेंड, यातायात दबाव को नियंत्रित करने, नो-पार्किंग जोन में पार्किंग पर पेनाल्टी के संबंध में भी चर्चा की गई। साथ ही स्कूलों के छूटने के समय समुचित ट्राफिक प्रबंधन हों। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बसो में ओव्हर लोडिंग, कैमरा, पैनिक बटन व अलार्म के साथ चालक-परिचालक के चरित्र के संबंध में भी चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिये। बैठक में अपर कलेक्टर मिशा सिंह, नाथूराम गोंड, एडीशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा व आरटीओ जितेंद्र रघुवंशी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
वाहनों के लिए होगी पेड पार्किंग व्यवस्था
बैठक में विशेष रूप से कहा गया कि ई-रिक्शा प्रबंधन पर आवश्यक निर्देश दिये और कहा कि दुर्घटनाओं से सुरक्षित जीवन की ओर बेहतर ढंग से काम किया जाये। शहर की यातायात व्यवस्था को बनायें रखने के लिए नगर निगम से कहा गया कि वाहनों के लिए पेड पार्किंग व्यवस्था बनायें और उसका किराया मल्टी लेवल पार्किंग से कुछ ज्यादा रखें। बैठक में विशेष रूप से कहा गया कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए कार्य करें। सड़कों में घूम रहे आवारा मवेशियों पर नियंत्रण करें, उन्हें गौशाला में भेजना सुनिश्चित करें।
