जबलपुर: शहर की संपत्तियों के बारे में पता लगाकर नगर निगम के राजस्व में बढ़ोत्तरी करने के उद्देश्य से स्मार्ट सिटी लिमिटेड के द्वारा पूरे किए गए ड्रोन सर्वे में जो आंकड़ेे सामने निकलकर आए हैं उसने सभी को हैरान किया है। नगर निगम जबलपुर में करीब 3 लाख 22 हजार संपत्तियां दर्ज थीं जिसके बाद स्मार्ट सिटी के जरिए ड्रोन के सर्वे द्वारा जब इन संपत्तियों का पता लगाया गया तो इन संपत्तियों में से करीब 90 हजार संपत्तियां ऐसीं थी जिनके घर वाले न तो संपत्ति का पिन नंबर दे पाए और न ही टैक्स नंबर।
स्मार्ट सिटी के जीआईएस विभाग एक्सपर्ट की माने तो शहर की इन सभी 90 हजार संपत्तियों के पिन नंबर मिलने के बाद संपत्तियों का डाटा ई नगर पालिका से लिंक हो जाएगा तो करीब 30 हजार नई संपत्तियां शहर में वर्तमान में सामने आ जाएंगी जिससे नगर निगम को राजस्व के जरिए फायदा होगा। ये काम जमीनी तौर पर अमले द्वारा किया जा रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले कितने समय में इन 90 हजार संपत्तियों के डाटा को ई-नगर पालिका से लिंक किया जाता है। जिसके बाद ही नगर निगम की आय और बढ़ने की संभावना बनेगी।
2022 से 2025 तक चला था ड्रोन सर्वे का काम
स्मार्ट सिटी के जीआईएस एक्सपर्ट के अनुसार वर्ष 2022 में शहर की संपत्तियों के बारे में पता लगाने और इन संपत्तियों को ई नगर पालिका से लिंक करने के लिए नगर निगम ने स्मार्ट सिटी की मदद से जीआईएस सर्वे ड्रोन से कराने का काम शुरू किया था जो कि विगत फरवरी-मार्च 2025 तक चला था। नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए जीआईएस यानि भौगौलिक सूचना प्रणाली के तहत सर्वे कराकर शहर की संपत्तियों को ई नगर पालिका में दर्ज करना बेहद जरूरी है जिसके लिए नगर निगम द्वारा जमीनी स्तर पर प्रयास जारी हैं।
हैदराबाद की कंपनी के साथ 3 अन्य एजेंसियां थीं शामिल
ड्रोन से शहर की संपत्तियों का सर्वे कराने का स्मार्ट सिटी जबलपुर ने सबसे पहले काम हैदराबाद की आईएसआई सॉफ्टैक कंपनी को दिया था, कुछ महीने तक तो काम ठीक ढंग से चला लेकिन उसके बाद कंपनी द्वारा लापरवाही बरती जाने लगी। नतीजा ये हुआ कि इस कंपनी से काम छीनकर 3 अन्य अलग-अलग एजेंसियों को ड्रोन से सर्वे कराने का काम सौंपा गया और फिर ये काम पूरा किया गया ।
इनका कहना है
शहर में करीब 3 लाख 22 हजार की संपत्तियां अभी वर्तमान में मौजूद हैं। वर्ष 2022 से ड्रोन कैमरे के संपत्तियों का पता लगाने सर्वे का काम शुरू किया गया था जो अब पूरा हो गया है। सर्वे में सामने आया है कि शहर की करीब 90 हजार संपत्तियोंं के पिन नंबर नहीं मिले हैं जिनको ई नगर पालिका से लिंक करने का काम जारी है। ये काम पूरा होने के बाद नई करीब 30 हजार संपत्तियां नगर निगम को मिल जाएंगीं।
बालेंद्र शुक्ला, जीआईएस एक्सपर्ट, स्मार्ट सिटी जबलपुर
