
इंदौर. लोकायुक्त संगठन द्वारा भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के क्रम में मंगलवार को इंदौर लोकायुक्त इकाई ने जनपद पंचायत पाटी, जिला बड़वानी में पदस्थ अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी को 5000 की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया. आरोपी मंगल सिंह डाबर को यह रकम पशु शेड निर्माण की स्वीकृति दिलाने के एवज में हितग्राही से मांगते हुए पकड़ा गया.
महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख द्वारा प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत यह ट्रैप कार्रवाई की गई. ग्राम देवगढ़, तहसील पाटी जिला बड़वानी निवासी सिरपिया डाबर पिता नान सिंह डाबर ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को शिकायत की थी कि उसने हितग्राही मूलक योजना के तहत पशु शेड निर्माण हेतु आवेदन दिया था. आवेदन ग्राम पंचायत से जनपद पंचायत पाटी भेजा गया, जहां पदस्थ अधिकारी मंगल सिंह डाबर ने कार्य स्वीकृति के बदले 5000 की रिश्वत की मांग की. जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के अंतर्गत मामला प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है.
कार्रवाई में शामिल ट्रैप दल
इस सफल ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व कार्यवाहक निरीक्षक श्रीमती प्रतिभा तोमर ने किया. उनके साथ आरक्षक विजय कुमार, सतीश यादव, आदित्य सिंह भदौरिया, चंद्र मोहन सिंह बिष्ट, मनीष माथुर और पवन पटोरिया शामिल थे. लोकायुक्त संगठन ने साफ संकेत दिया है कि जनहित की योजनाओं में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.
