
बैतूल। जिले के झल्लार थाना क्षेत्र के गवाड़ी गांव निवासी 12वीं के आदिवासी छात्र पीयूष धुर्वे की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान संदिग्ध मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पीयूष ईंट बनाने की मशीन में उंगली कटने के बाद खुद चलकर अस्पताल पहुंचा था, लेकिन करीब ढाई घंटे बाद उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ देर में उसकी मौत हो गई।
परिजनों और आदिवासी संगठनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सोमवार को अस्पताल गेट पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि 7 दिन में निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आदिवासी समाज उग्र आंदोलन करेगा।
हंगामे के चलते मौके पर एसडीओपी समेत पुलिस बल और प्रशासन की टीम पहुंची। परिजनों को छात्र की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट सौंपी गई, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त हुआ। प्रशासन ने एफएसएल टीम से गहराई से जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
फिलहाल परिजन और आदिवासी संगठन प्रशासन के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। यह मामला अब सामाजिक और राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। देखने वाली बात होगी कि सात दिन में प्रशासन दोषियों को बेनकाब कर पाता है या नहीं।
