शहडोल की ग्राम पंचायत चांपा का मामला
जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत चांपा जिला शहडोल के खिलाफ लाए गए अविश्वास संबंधी आवेदन पर एसडीओ को विचार कर निर्णय लेने के निर्देश दिये है। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने इसके लिए 90 दिन की मोहलत दी है।शहडोल निवासी उपसरपंच अरवेन्द्र सिंह बघेल की ओर से दलील दी गई कि 10 फरवरी 2025 को याचिकाकर्ता सहित 15 पंचों ने सरपंच श्रीमती उमा सिंह मार्को के खिलाफ भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के चलते अविश्वास प्रस्ताव पारित किया गया था।
उन्होंने बताया कि मप्र पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 21 के तहत एसडीओ को प्रस्ताव पर निर्णय लेने का अधिकार है। इसके लिए एसडीओ विहित प्राधिकारी नियुक्त कर पंचों का सम्मेलन बुलाता है और अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय लेता है। पांच माह बीतने के बावजूद अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय नहीं लेने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। जिसके बाद न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
