सतना:पुलिस विभाग में पदस्थ एक आरक्षक पिता- पुत्र की मौत की वजह बन गया। दोनों ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी और दोनों की मौत के बाद पुलिस को सुसाइट नोट मिले। अब नागौद थाना पुलिस ने आरक्षक को गिरफ्तार करते हुए उसे शुक्रवार को अदालत में पेश कर दिया गया।
यह है मामला
16 जुलाई को नीरज बुनकर पिता रामसेवक बुनकर (30) निवासी बिरसिंहपुर थाना सभापुर ने रिपोर्ट किया था कि सुबह 6.45 बजे खबर मिलने पर वह गया तो देखा कि ससुर खेरवा टोला निवासी सुदामा प्रसाद बुनकर पिता स्व. बाबूलाल बुनकर (48) रामना मैदान नागौद की पार्किंग के पास लगे शीशम के पेड़ पर तौलिया के फंदे से फांसी में झूल रहे हैं। इस रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू की गई थी।
हथेली पर लिखा था नाम
नगर परिषद के कर्मचारी सुदामा प्रसाद कोरी की मृत्यु के बाद उसके परिजनों ने हंगामा करते हुए तत्काल आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की थी। मृतक की हथेली पर आरोपी पुलिस आरक्षक का नाम लिखा था। इस मामले में मृतक की पत्नी शकुंतला कोरी, पुत्र अतुल कोरी, दामाद नीरज बुनकर, बेटी संजना कोरी के बयान दर्ज किए गए।
पिता के बाद बेटे को प्रताडऩा
मर्ग जांच में यह बात सामने आई कि मृतक सुदामा के पिता बाबू लाल कोरी की मौत करीब तीन वर्ष पहले फांसी लगाने से हुई थी, जिसमें आशीष कोरी व एक अन्य के विरुद्ध धारा 306 आईपीसी का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था, जो न्यायालय मे चल रहा है। उसी प्रकरण में आरक्षक आशीष कोरी मृतक सुदामा कोरी से राजीनामा करने व न्यायालय में अपना ब्यान बदलने का दबाव बना रहा था और धमकी दे रहा था। इसी बात से परेशान होकर सुदामा कोरी ने आत्महत्या कर ली।
पन्ना से पकड़ा गया आरोपी
आरोपी आशीष कोरी पिता सोने लाल कोरी निवासी इन्द्रानगर नागौद के विरुद्ध धारा 108 बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार करते हुए न्यायालय पेश किया गया। जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया है। आरोपी पन्ना पुलिस लाईन में आरक्षक के पद पर कार्यरत है
