मुंबई, 18 जुलाई (वार्ता) विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) को वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में समेकित आधार पर 30,783 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है। इसमें उसके एसोसिएट्स और संयुक्त उद्यम वाली कंपनियों से प्राप्त लाभ हिस्सेदारी भी शामिल है। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के 17,445 करोड़ रुपये की तुलना में यह 76.5 प्रतिशत अधिक है।
आरआईएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को घोषित वित्तीय परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दुनिया में जारी महत्वपूर्ण आर्थिक उथल-पुथल के बावजूद पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन शानदार रहा है। इस दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के कारण ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी रही। जियो-बीपी नेटवर्क के जरिये घरेलू बाजार में कंपनी ने फोकस किया। केजीडी6 बेसिन में हालांकि गैस उत्पादन कम रहने से कंपनी का कर पूर्व लाभ प्रभावित हुआ है।
श्री अंबानी ने कहा कि कंपनी अपने खुद के एफएमसीजी ब्रांड को मजबूती प्रदान करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने समूह की दूरसंचार सेवा इकाई रिलायंस जियो के प्रदर्शन की सराहना करते हुए बताया कि उसके 5जी सब्सक्राइबरों की संख्या 20 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। जियो फाइबर के 74 लाख से अधिक ग्राहक हो गये हैं।
श्री अंबानी ने भरोसा जताया कि आरआईएल हर चार-पाँच साल में अपना कारोबार दोगुना करने का ट्रैक रिकॉर्ड बनाये रखेगा।
पहली तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का कुल राजस्व छह प्रतिशत बढ़कर 2,73,252 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 2,57,823 करोड़ रुपये और चौथी तिमाही में 2,88,138 करोड़ रुपये था। इस साल अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी ने 6,465 करोड़ रुपये का कर भुगतान किया है।
