उत्तराखंड में बाहरी मतदाता मामले में हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव, निर्वाचन आयुक्त को किया तलब

नैनीताल, 18 जुलाई (वार्ता) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पंचायत चुनाव के मद्देनजर बुदलाकोट ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में गांव से बाहर के मतदाताओं के नाम शामिल होने के मामले में सख्त रूख अपनाते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और प्रदेश चुनाव आयुक्त सुशील कुमार को आगामी 28 अगस्त को अदालत में वर्चुअल रूप से पेश होने का निर्देश दिया।

मुख्य न्यायाधीश जी0 नरेंदर और न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने बुदलाकोट निवासी आकाश बोरा की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद शुक्रवार को यह निर्देश जारी किया।

प्रदेश निर्वाचन आयुक्त की ओर से कहा गया कि 52 मतदाताओं में 20 मतदाताओं के नाम अवैध पाये गये और 30 के नाम वैध पाये गये। आगे कहा गया कि स्क्रूटनी के बाद मतदाताओं के नाम शामिल किये गये हैं।

यह भी कहा गया कि अंतिम मतदाता सूची तैयार करने से पूर्व पंचायती राज अधिनियम में मौजूद प्रावधानों और नियमों का उचित अनुपालन किया गया है। आपत्तियां मांगी गयीं और कमेटी की ओर से उनका निस्तारण किया गया है।

अदालत इससे संतुष्ट नजर नहीं हुआ और आयोग से पूछा कि मतदाता सूची में शामिल नामों का सत्यापन करने के लिये क्या आधार अपनाया जाता है। निर्वाचन आयोग की ओर से दी गयी तमाम दलीलों से अदालत सहमत नहीं हुई और इसके बाद नैनीताल जिले की जिला निर्वाचन अधिकारी और कैंची धाम के रिटर्निग अधिकारी को अदालत में तलब किया।

अपर जिलाधिकारी विवेक राय और रिटर्निंग अधिकारी ममता आर्य आज शाम चार बजे अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुईं। उन्होंने भी प्रावधानों का हवाला देते हुए मतदाता सूची तैयार करने की बात कहा।

अंत में अदालत ने मुख्य सचिव और प्रदेश निर्वाचन आयुक्त को 28 जुलाई को वर्चुअल रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया। अधिवक्ता श्री भट्ट ने कहा कि 28 जुलाई को द्वितीय चरण का मतदान सुनिश्चित है। इसलिए आयुक्त चुनाव जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे लेकिन अदालत ने उनकी मांग को अस्वीकार कर दिया।

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