
श्योपुर, चंबल घड़ियाल अभ्यारण्य में अवैध रेत खनन और परिवहन पर अब प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है। कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी सुश्री शीला दाहिमा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में व्यापक रणनीति बनाई गई। बैठक में पुलिस, वन, राजस्व और खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अभ्यारण्य क्षेत्र में अवैध उत्खनन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध बीएनएसएस, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, वन अधिनियम और खनिज अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। बिना नंबर वाले वाहनों की जब्ती, अवैध परिवहन मार्गों पर नाकेबंदी और संयुक्त निरीक्षण नियमित रूप से किए जाएंगे। एसडीएम, तहसीलदार एवं वन अधिकारी प्रत्येक 15 दिन में संयुक्त निरीक्षण करेंगे, जबकि विभागीय टीमें सप्ताह में दो बार औचक जांच करेंगी। कार्रवाई की वीडियोग्राफी बॉडी-वॉर्न कैमरों और जीपीएस उपकरणों से होगी।
संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध खनन मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मामलों की प्रभावी पैरवी के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त होंगे तथा 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। साथ ही डिजिटल शिकायत प्लेटफॉर्म और क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे नागरिक गुप्त रूप से फोटो और वीडियो अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने बताया कि हासिलपुर, सलापुरा, ओछापुरा और ललितपुरा में स्थापित नाकों पर सघन निगरानी रखी जाएगी। अब तक पुलिस ने अवैध रेत परिवहन के छह मामलों में एफआईआर दर्ज की है।
डीएफओ के.एस. रंधा ने बताया कि चंबल और पार्वती क्षेत्र के प्रमुख घाटों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। अभ्यारण्य क्षेत्र में 16 चौकियां स्थापित की जा रही हैं, जिनमें फिलहाल अस्थायी चौकियों से निगरानी शुरू कर दी गई है। वन विभाग ने अब तक अवैध परिवहन, उत्खनन, भंडारण और जब्ती के कई प्रकरण दर्ज किए हैं तथा दो वाहनों के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज की गई है।
