नई दिल्ली, महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) द्वारा ब्रांड एंबेसडर शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को जारी ‘शो-कॉज नोटिस’ को चुनौती देने वाली पान मसाला निर्माता कंपनी की याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने ‘फोरम कन्वेनियंस’ के सिद्धांत का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले का मुख्य कॉज ऑफ एक्शन महाराष्ट्र में है, इसलिए यह याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र (टेरिटोरियल ज्यूरिस्डिक्शन) में सुनवाई के योग्य नहीं है।
सरोगेट एड के जरिए तंबाकू रहित इलायची को प्रतिबंधित पान मसाला बताने का विरोध, बिना सुने कार्रवाई का उठाया था मुद्दा
याचिकाकर्ता कंपनी ने दलील दी थी कि उनका विज्ञापन पूरी तरह वैध है और 2001 से महाराष्ट्र में पान मसाला न बनने तथा 2013 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत उनके इलायची उत्पाद सरोगेट नहीं हैं। कंपनी का यह भी कहना था कि 11 अगस्त का एफडीए नोटिस सीधे कंपनी को नहीं बल्कि अभिनेताओं को दिया गया, जिससे बिना पक्ष रखे भारी नुकसान हो रहा है, जबकि FSSAI व केंद्र को पक्षकार बनाने मात्र से दिल्ली का अधिकार क्षेत्र नहीं बनता।
मामले की सुनवाई के लिए महाराष्ट्र की अदालतें हैं सुविधाजनक, कोर्ट ने गुण-दोष पर राय दिए बिना याचिका की समाप्त
अदालत ने कहा कि रजिस्टर्ड ऑफिस या दिल्ली से ब्रांड एंबेसडर तय करने जैसे मामूली और पृष्ठभूमि के तथ्य विवादित नोटिस की वैधता के लिहाज से टेरिटोरियल ज्यूरिस्डिक्शन स्थापित नहीं करते। याचिका के गुण-दोष पर बिना कोई टिप्पणी किए कोर्ट ने लंबित आवेदनों का निपटारा करते हुए निर्माता कंपनी को शिकायतों के निवारण के लिए महाराष्ट्र के उपयुक्त न्यायिक मंच का रुख करने का स्पष्ट निर्देश दिया है।

