इंदौर: शहर के नंदलालपुरा क्षेत्र में किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच विवाद गहराता जा रहा है. हिंदू किन्नरों की प्रतिनिधि सपना गुरु ने कुछ मुस्लिम किन्नरों पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने और संक्रमित इंजेक्शन देकर बीमारी फैलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. सपना गुरु का दावा है कि यह गतिविधियां पिछले कुछ वर्षों से चल रही हैं, जिससे समुदाय के कई सदस्य भयभीत हैं और डेरा छोड़ने पर मजबूर हो चुके हैं.
सपना गुरु ने आरोप लगाया कि मालेगांव से आए पायल उर्फ नईम अंसारी और सीमा हाजी उर्फ फरजाना समुदाय के भीतर धर्मांतरण का दबाव बना रहे हैं. विरोध करने पर उन्हें कथित रूप से संक्रमित इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं, जिससे करीब 60 किन्नर बीमार हो चुके हैं. इनमें से कई का इलाज एमवाय अस्पताल के एआरटी सेंटर में जारी है. इस मामले में सपना गुरु की ओर से हाईकोर्ट के वकील सचिन सोनकर ने पुलिस कमिश्नर, कलेक्टर, मुख्यमंत्री कार्यालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को शिकायत भेजी है.
शिकायत के साथ कुछ वीडियो साक्ष्य भी संलग्न किए हैं. वकील का दावा है कि यह पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए क्योंकि इससे न केवल समुदाय की सुरक्षा जुड़ी है, बल्कि यह एक स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था से जुड़ा विषय भी बन चुका है. सपना गुरु ने बताया कि पायल उर्फ नईम वर्ष 2000 में मालेगांव से इंदौर आया था, जहां उसकी पत्नी और बच्चे रहते हैं. आने के बाद से वह इंदौर में सक्रिय हुआ और कथित रूप से समुदाय के भीतर धर्मांतरण की गतिविधियां बढ़ीं. सपना का यह भी दावा है कि सीमा हाजी ने उन्हें जबरदस्ती हज पर भी भेजा, जिसे बाद में उन्होंने स्वीकार करने से इनकार कर दिया और अपना स्वतंत्र गुट बना लिया.
स्वतंत्र जांच करवाने की मांग
सपना गुरु और उनके वकील ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच, आरोपितों पर कानूनी कार्रवाई और किन्नर समुदाय के सदस्यों की स्वास्थ्य जांच करवाने की मांग की है. उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल साम्प्रदायिक तनाव बढ़ा सकती हैं, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी संकट भी पैदा कर सकती हैं. इस पूरे प्रकरण को लेकर पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हालांकि, मामला उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद इसकी जांच की संभावना जताई जा रही है.
