जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने राज्य सरकार और नगरीय निकायों को डेंगू व अन्य बीमारियों की रोकथाम के संबंध में फ्रेश स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये हैं।जबलपुर के सौरभ शर्मा, विजय बजाज, नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी ने दलील दी कि नगर निगम की लापरवाही के चलते शहर का सीवेज सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। पिछले 17 सालों में भी सीवेज सिस्टम पूरा नहीं हुआ है। इसके चलते हर साल खासतौर पर वर्षाकाल के दौरान डेंगू, चिकनगुनिया व अन्य बीमारियां बढ़ जाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में डेंगू फैल रहा है और हर दिन अस्पतालों में मरीज बढ़ रहे हैं।
जबलपुर में ही सरकारी और प्राइवेट अस्पताल खचाखच भरे हुए हैं। सरकार की ओर से बताया गया कि पूर्व निर्देश के पालन में 2024 में रिपोर्ट पेश की गई थी। उसमें बताया गया था कि एंटी डेंगू दवा और अन्य दवाओं के छिडक़ाव के लिए टेंडर आवंटित कर दिये गये हैं। मामले में आगे हुई सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
