दिल्ली, 07 जुलाई (वार्ता) जापान की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जीका) ने ‘मानव संसाधन विकास छात्रवृत्ति (जेडीएस) परियोजना’ के तहत भारत को 28.8 करोड़ जापानी येन (17 करोड़ रुपये) का अनुदान देने के लिए चार वर्ष का एक करार किया है जिसके तहत भारतीय अधिकारियों को जापान के विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जीका की सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार इसके अंतर्गत हर वर्ष भारत के नौ युवा अधिकारी जापान में विश्वविद्यालयों में दो वर्षीय का स्नातकोत्तर डिग्री पाठ्यक्रम में भाग ले सकेंगे।
अनुदान समझौते पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की अतिरिक्त सचिव मनीषा सिन्हा और जीका इंडिया के मुख्य प्रतिनिधि ताकेउची ताकुरो के बीच हस्ताक्षर किए गए।
जापान सरकार 2024 से यह छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है। यह कार्यक्रम भारतीय सरकारी अधिकारियों को जापानी विश्वविद्यालयों में अध्ययन के माध्यम से मूल्यवान क्षमता विकास के अवसर प्रदान करेगा। यह समझौता चार वर्ष के लिए है और इसमें भारतीय नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त करने के लिए हर वर्ष 9 अधिकारियों का चयन किया जाएगा। वहां से लौट कर ये अधिकारी नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाने और प्रमुख विकास परियोजनाओं को लागू करने तथा जापान के साथ संयुक्त परियोजनाओं और वृद्धि के अन्य क्षेत्रों में योगदान कर सकेंगे।
जेडीएस विद्वानों के इस दूसरे बैच के चयन के लिए आवेदन प्रक्रिया 2025 के मध्य में शुरू होने की उम्मीद है, और उनके प्रवेश 2026 के मध्य में शुरू होंगे।
जीका इंडिया के श्री ताकेउची ताकुरो ने कहा, ‘दोनों देशों के हमारे प्रधानमंत्रियों की कल्पना के अनुसार यह कार्यक्रम दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना कर संबंधों को और गहरा करने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मैं महत्वाकांक्षी और प्रतिभाशाली सरकारी अधिकारियों से इस कार्यक्रम के लिए आवेदन करने और भविष्य में भारत का नेतृत्व करने के लिए खुद को तैयार करने का आग्रह करता हूं।’
