श्रीनगर में बनेगा 150 करोड़ रुपये की लागत से सेंट्रल इंस्टीट्यूट-क्लीन प्लांट सेंटर: शिवराज चौहान

नयी दिल्ली, 3 जुलाई (वार्ता) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को यहां राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ एक बैठक में कृषि व ग्रामीण विकास के संबंध में विस्तारपूर्वक समीक्षा बैठक की और श्रीनगर में केंद्र सरकार की एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) योजना के तहत 150 करोड़ रुपये लागत का सेंट्रल इंस्टीट्यूट-क्लीन प्लांट सेंटर बनाने की घोषणा की।

बैठक के बाद उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मोदी सरकार विकसित भारत के लिए विकसित जम्मू-कश्मीर जरूरी मानती है और इस क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री अब्दुल्ला भी उपस्थित थे। श्री सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि आज भी कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की और जम्मू-कश्मीर की भी रीढ़ है। लगभग 50 प्रतिशत लोग आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है।

उन्होंने कहा कि आज की बैठक में जम्मू-कश्मीर में कृषि स्थिति और किसानों की ज़िंदगी बेहतर बनाने के बारे में विस्तार से समीक्षा की गई है। उन्होंने कहा, “ खुशी है कि मुख्यमंत्री के साथ बैठकर हमने कई मुद्दों पर चर्चा की है। जम्मू-कश्मीर की एक पहल ‘किसान खिदमत घर’ यह बहुत अच्छी पहल है, जहां एक ही स्थान पर किसानों को कृषि से संबंधित सारी सुविधाएं दी जाती हैं।’

श्री चौहान ने कहा कि श्रीनगर में केंद्र सरकार की एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) योजना के तहत 150 करोड़ रुपये लागत का सेंट्रल इंस्टीट्यूट-क्लीन प्लांट सेंटर बनाया जाएगा। इसमें सेब, बादाम, अखरोट, बेरी पर काम होगा, जब क्लीन प्लांट सेंटर आएगा, उसके साथ-साथ प्राइवेट नर्सरी भी विकसित की जाएगी और उन्हें भी सहायता देंगे ताकि अच्छी नर्सरियां बनें, प्लांट में क्लीन प्लांट बनाए जाएंगे, जो बैक्टीरिया, वायरस रहित रहेंगे और किसानों को अच्छे पौधे मिल पाएंगे।

श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से वंचित उन किसानों उनके बारे में भी चर्चा की जाएगी जिन्हें अधिकृत रूप से सरकार ने पट्टे दिए हैं लेकिन उनके पास वैधानिक कागजात नहीं है। कृषि मंत्री ने कहा, ‘ जो सरकार की अनुमति से खेती कर रहे हैं, उन्हें पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ मिले, इस दिशा में हम काम करेंगे।’

कृषि मंत्री ने कहा , ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) में बागवानी फसलों के कवरेज के लिए भी हम पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) योजना को जल्दी शुरू करेंगे, ताकि बागवानी की फसलों की मैपिंग ठीक ढंग से हो सके और किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि जम्मू क्षेत्र में ‘क्षेत्रीय बागवानी केंद्र’ की स्थापना के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) यहां की एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी जम्मू को इंफ्रास्ट्रक्चर का सहयोग प्रदान करेगा।

श्री शिवराज सिंह ने कहा कि केसर के लिए जम्मू-कश्मीर में एक टिश्यू कल्चर लैब, नर्सरी की स्थापना केंद्र सरकार यहां करेगी ताकि उत्पादन बढ़े।

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