
इंदौर. महू की गिरनार कॉलोनी में इंदौर नगर निगम की कचरा वाहन द्वारा श्वानों के नवजात शावकों को जबरन उठाकर रीलोकेट करने का प्रयास किया गया. मामला सामने आने के बाद क्षेत्रीय नागरिकों की जागरूकता ने इन मासूम शावकों को क्रूरता से बचा लिया. घटना पिछले शुक्रवार को सामने आई जब ट्रेंचिंग ग्राउंड से जुड़ा कचरा वाहन नंबर एमपी 09 एलपी 85 कॉलोनी में पहुंचा और वहां मौजूद स्वान शावकों को वाहन में भरकर अन्यत्र ले जाने का प्रयास किया. स्थानीय रहवासियों ने तुरंत इसका विरोध किया और बच्चों को उसी स्थान पर वापस छुड़वाया. इसके बाद पीपल फॉर एनिमल्स संस्था की प्रियांशु जैन ने इस संबंध में कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारियों से शिकायत दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की है. मामले में प्रियांशु जैन का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश अनुसार किसी भी पालतू या आवारा श्वान को उसकी मूल जगह से रीलोकेट करना गैर कानूनी है. डॉग बर्थ कंट्रोल रूल्स के तहत केवल नसबंदी एवं टीकाकरण की अनुमति है, न कि उन्हें हटाने या फेंकने की. इसके अलावा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत भी यह कृत्य पूरी तरह अवैध और दंडनीय है. शिकायतकर्ता ने दोषी वाहन चालक एवं अन्य संबंधित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, जिसमें नौकरी से बर्खास्तगी तक की अनुशंसा की है, साथ ही नगर निगम को इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की बात भी कही.
