नयी दिल्ली, 18 जून (वार्ता) उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने ‘नशा मुक्त परिसर अभियान’ के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रयासों की प्रशंसा की है। उपराष्ट्रपति सचिवालय ने गुरुवार को बताया कि श्री राधाकृष्णन ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक बनाने और ‘नशामुक्त भारत’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में विश्वविद्यालय की भूमिका सराहनीय है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किये गये अपने संदेश में इस वर्ष की शुरुआत में विश्वविद्यालय में ‘नशा मुक्त परिसर अभियान’ और ‘ई-प्रतिज्ञा मंच’ के शुभारंभ को याद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने और ‘नशामुक्त भारत’ के दूत बनने का आह्वान किया।
उपराष्ट्रपति ने बताया कि अभियान के तहत सामूहिक प्रयासों से 53 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने अनिवार्य प्रतिज्ञा लेकर नशामुक्त भारत के संकल्प का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहलें युवाओं में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती हैं और एक स्वस्थ, मजबूत तथा समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। उन्होंने देशभर के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से भी इस अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘नशामुक्त भारत’ के विजन को साकार करने के लिए युवाओं के बीच निरंतर जागरूकता, सामूहिक भागीदारी और संस्थागत प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल करने पर विशेष जोर दिया।

