रुड़की (उत्तराखंड), उत्तराखंड के रुड़की के रहने वाले भारतीय सेना के लांस नायक शुभम जुयाल ने अपनी असाधारण इच्छाशक्ति से एक मिसाल कायम की है। साल 2022 में हुए एक भीषण सड़क हादसे में अपना एक पैर गंवाने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और खेल के मैदान में शानदार वापसी की।
भारतीय सेना का सहयोग और खेल में कदम
सेना के अटूट समर्थन और अपने बुलंद हौसलों के दम पर शुभम ने पैरा एथलेटिक्स की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने शॉटपुट F-57 वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 13.28 मीटर का थ्रो किया और प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल अपने नाम कर देश का मान बढ़ाया।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन करने का लक्ष्य
इस ऐतिहासिक सफलता के बाद अब शुभम का अगला लक्ष्य राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और पैरालंपिक जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। उनकी यह संघर्ष गाथा आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

