
सीहोर. बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही उन मकानों के ढहने की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं जो समय के साथ काफी पुराने व जर्जर हो गए हैं. नपा द्वारा दो सप्ताह पूर्व ऐसे 86 मकानों को चिन्हित कर इन्हें खतरनाक घोषित किया था और भवन स्वामियों को इन्हें तोडऩे के लिए नोटिस भी थमाए थे, लेकिन ज्यादातर ने नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया तो नपा ने सोमवार से खुद ऐसे जर्जर मकानों को तोडऩा शुरू कर दिया है.
नगर में ऐसे मकानों की कमी नहीं है जो जर्जरावस्था में पहुंच गए हैं तथा इनकी उम्र पूरी हो चुकी है. हर बारिश में नपा द्वारा ऐसे मकानों की पहचान कर उनके स्वामियों को नोटिस थमाकर मकान तोडऩे को कहा जाता है, लेकिन ज्यादातर भवन स्वामी इन नोटिस को कोई तवज्जो नहीं देते हैं. कई बार राजनीतिक दखल के चलते भी इन मकानों को नहीं तोड़ा जाता है. नतीजतन जर्जर मकान ढहते हुए जनहानि का कारण बन जाते हैं. बीते वर्ष ही शहर की खजांची लाईन में एक जर्जर मकान तेज बारिश के चलते ढह गया था. जिसमें एक बुजुर्ग महिला की दबकर मौत हो गई थी. इस घटना के बाद प्रशासन इतनी तेजी से सक्रिय हुआ कि उसने जर्जर मकानों को तोडऩे के लिए किसी को मोहलत नहीं दी और उसी दिन पान चौराहे पर एक तथा कोतवाली चौराहे के भी एक जर्जर मकान को धराशायी कर दिया था. हालांकि इसके बाद नपा ने अपनी कार्रवाई को विराम दे दिया था. अब एक बार फिर बारिश को देखते हुए नपा का अमला सक्रिय हुआ और जर्जर मकानों को ढहाने की कवायद शुरू कर दी है.
सोमवार को नपा के अमले ने जिला उद्योग केन्द्र के सामने स्थित एक जर्जर मकान को जेसीबी की मदद से धराशायी कर दिया. बताया जाता है कि इस मकान को तोडऩे के लिए नपा द्वारा पूर्व के वर्षों में भी नोटिस दिए गए थे, लेकिन भवन स्वामी मकान को तोडऩे को राजी नहीं थे. हालांकि इस जर्जर मकान में कोई निवास नहीं करता था, लेकिन इसकी बाहरी दीवार गिरने की कगार पर पहुंच गई थी. इसेे देखते हुए नपा के सहायक यंत्री विजय कोली के निर्देशन में नपा के अमले ने मकान को तोड़ दिया.
इस मामले में नगरपालिका के सहायक यंत्री विजय कोली ने बताया कि शहर में जर्जर मकानों की संख्या 86 है. इन भवनों में रहने वालों को दो सप्ताह पूर्व नोटिस दिए जा चुके हैं. अब नपा द्वारा इन मकानों को तोड़ा जाएगा और इन्हें तोडऩे में जो राशि व्यय होगी उसकी वसूली उक्त भवन के मालिक से की जाएगी.
वार्ड क्र. 28 में सर्वाधिक 21 जर्जर मकान
नपा द्वारा शहर के सभी 35 वार्डों के मकानों की जो सूची तैयार की गई है उसमें सर्वाधिक 21 जर्जर मकान वार्ड क्र. 28 में हैं. इसी तरह 26 नंबर वार्ड में कुल 8 मकान जर्जर हैं. वार्ड क्र. 12 और 13 में 6-6 जर्जर मकान हैं. वार्ड क्र. 11 में 5, वार्ड 18 में 4, वार्ड क्र. 17, 25 और 30 में तीन- तीन मकान जर्जर हैं. जबकि अन्य वार्डों में जर्जर मकानों की संख्या एक से दो तक है, जिन्हें नपा द्वारा शीघ्र तोड़ा जाएगा.
