बीजिंग, 26 जून (वार्ता) चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि उनके देश को उम्मीद है कि चीन और अमेरिका जैसी दो प्रमुख शक्तियां सह-अस्तित्व के लिये सही रास्ता खोज लेंगी। श्री यी ने बुधवार को हार्वर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ग्राहम एलिसन के साथ बीजिंग में हुई मुलाकात के दौरान यह बात कही।
बैठक के दौरान चीन के विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई कि अमेरिकी पक्ष चीन के साथ आपसी मान्यता के बुनियादी मुद्दे को हल करने के लिए काम करेगा जिससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के ‘तीन सिद्धांतों’ के आधार पर सामंजस्यपूर्ण संबंध स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। श्री यी ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आपसी सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और दोनों पक्षों के लिए बेहतर सहयोग के तीन सिद्धांत दिये हैं वही अमेरिकी मसलों से निपटने के उनके देश के ‘मौलिक सिद्धांत’ हैं।
गौरतलब है कि यह वार्ता दोनों देशों के बीच व्यापार तनाव के बीच हई है। इस साल दो अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए जिसने विभिन्न देशों से आयात पर दो-तरफा शुल्क लागू किया। इसके बाद नौ अप्रैल को श्री ट्रम्प ने घोषणा की कि चीन को छोड़कर उन 75 से अधिक देशों पर 90 दिनों पर 10% का ‘बेसलाइन टैरिफ’ लगाया जाएगा जिन्होंने जवाबी कार्रवाई नहीं की थी और बातचीत का अनुरोध किया था।
इस दौरान दोनो देशों के बीच “पारस्परिक” टैरिफ घटाकर 10% किया जाना था। परिणामस्वरूप बीजिंग अमेरिकी आयात पर 10% टैरिफ लगाएगा जबकि वाशिंगटन चीनी उत्पादों पर 30% टैरिफ लगाएगा क्योंकि इस दौरान 20% “फेंटेनल” टैरिफ प्रभावी रहेगा।
इस बीच 10-11 मई को चीन और अमेरिका ने जिनेवा में उच्च स्तरीय व्यापार और आर्थिक वार्ता की। वार्ता का समन्वय चीनी पक्ष की ओर से चीन के उप प्रधान मंत्री हे लीफेंग और अमेरिकी पक्ष की ओर से वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने किया। वार्ता के बाद दोनो पक्षों ने कहा कि वे व्यापार शुल्क कम करने के लिए एक प्रारंभिक सौदे पर सहमत हुए हैं जो 14 मई को 90 दिनों के लिए प्रभावी हुआ।

