जबलपुर: जिले में खून की कमी की शिकार बालिकाओं की जांच के लिए सोमवार 22 सितम्बर से नवाचार के तौर पर ”शक्ति संस्कार-रक्त अल्पता का संहार” अभियान चलाया जायेगा। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिन से शुरू हुए स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का हिस्सा होगा।अभियान के तहत जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के सभी निजी एवं शासकीय स्कूलों में पाचवीं से बारहवीं तक अध्ययनरत प्रत्येक छात्रा के हीमोग्लोबीन की जांच होगी।
यह अभियान शक्ति की उपासना के पर्व नवरात्र को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है। जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत के अनुसार अभियान के तहत खून की कमी और सिकल सेल जैसी बीमारियों से पीडि़त छात्राओं की पहचान की जायेगी और प्रबंधन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि अभियान की सूक्ष्म स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में एएनएम को छात्राओं की दर्ज संख्या के आधार पर तैनात किया जा रहा है। श्री गहलोत ने बताया कि नवरात्र के विशेष अवसर पर चलाये जा रहे ”शक्ति संस्कार-रक्त अल्पता का संहार” अभियान का उद्देश्य बालिकाओं में रक्त अल्पता से जुड़ी विभिन्न बीमारियों का अर्ली डिटेक्शन करना है और उपचार करना है। यह अभियान गांधी जयंती 2 अक्टूबर तक चलाया जायेगा।
