
टीकमगढ़। राशन दुकानों से गरीबों के घर पहुंचने वाले गेहूं की गुणवत्ता खराब पाए जाने का मामला सामने आया है। दरअसल यह गेंहू नर्मदापुरम से चार ट्रकों में 800 क्विंटल आपूर्ति में टीकमगढ़ जिले के जतारा में जैसे ही पहुंचा तो इसे देखकर जतारा के लोग हैरत में पड़ गए और इसकी जानकारी कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय को दी गई। कलेक्टर ने गेहूं को गोदाम में रखने से मना कर दिया। उन्होंने एसडीएम को मामले की जांच के निर्देश दिए। नान प्रभारी टीकमगढ़ एसडीएम लोकेंद्र सिंह ने जतारा पहुंचकर पंचनामा बनाया। जिले की राशन दुकानों को यह गेंहू आवंटित किया जाना था अब ऐसी स्थिति में अधिकारी पशोपेश में हैं कि अब करें तो क्या करें।
गरीबों के लिए राशन वितरण केंद्रों पर भेजा गया गेहूं खराब निकला है। दरअसल नर्मदापुरम से चार ट्रकों में 800 क्विंटल गेहूं भेजा गया था। जब जतारा में ट्रक पहुंचे तो गेहूं की बोरियां अंकुरित मिलीं। स्थानीय अधिकारियों ने इसकी सूचना कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय को दी। कलेक्टर ने गेहूं को गोदाम में रखने से मना कर दिया। उन्होंने एसडीएम को मामले की जांच के निर्देश दिए। नान प्रभारी टीकमगढ़ एसडीएम लोकेंद्र सिंह ने जतारा पहुंचकर पंचनामा बनाया। दरअसल राशन कार्डधारियों को शासन के निर्देश पर तीन महीने का खाद्यान्न एक साथ बांटा जा रहा है। इसीक्रम में यह गेहूं जिले में लाया गया था। वेयर हाउस प्रभारी राजू भौरकले ने बताया कि लगभग 800 क्विंटल गेहूं को वेयर हाउस में नहीं रखा गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितना गेहूं खराब है और कितना सही है। खाद्य विभाग और नागरिक आपूर्ति विभाग को इस मामले की जानकारी दे दी गई है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जतारा ललित मेहरा ने बताया कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। दरअलस इससे पहले जबलपुर से की जाने बाली आपूर्ति में टीकमगढ़ के लिए खराब चावल पिछले माह भेजा गया था। अब ऐसा ही मामला खराब गेहूं का सामने आया है जिसमें अधिकारी जांच की बात कर रहे है।
