नयी दिल्ली, 24 जून (वार्ता) पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक तेल कीमतों में उछाल के बीच खनन क्षेत्र के दिग्गज वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने भारत से दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घरेलू तेल और गैस उत्पादन में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
श्री अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कच्चे तेल की भारत के जरूरतों के लिए लगभग 90 प्रतिशत आयात पर निर्भर होने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसमें से लगभग 40 प्रतिशत कच्चा तेल पश्चिम एशिया क्षेत्र से आता है। उन्होंने कहा, “ पश्चिम एशिया में अनिश्चितता और संघर्ष से वैश्विक तेल कीमतों में उछाल होना तय माना जाता है। भारत के लिए, यह स्थिति एक चुनौती बन जाती है।”
श्री अग्रवाल ने तेल एवं गैस क्षेत्र में अन्वेषण और उत्पादन में तेजी लाने के लिए भारत के प्रचुर खनिज तेल भंडार और निवेशक-अनुकूल नीति वातावरण का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘भारत तेल और गैस में अगला बड़ा अवसर है।” उन्होंने लिखा, ‘हमारे पास बहुत अधिक भंडार हैं। हमारे पास दुनिया में सबसे अच्छी नीतियां हैं। सरकार ने बहुत काम किया है।…परियोजना मंजूरी के लिए स्व-प्रमाणन तंत्र को अधिक से अधिक अपनाना तेजी से निष्पादन के लिए एक गेम-चेंजर हो सकता है।”
