
इंदौर. ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या को लेकर अब एक-एक परत खुल रही है. पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस में सोलहवें दिन ही सोनम और उसके करीबी राज कुशवाह को यह आभास हो गया था कि पुलिस उनके करीब पहुंच चुकी है. इसकी एक अहम वजह बना वह गाइड, जिसने पुलिस को बताया कि राजा और सोनम के साथ तीन अन्य लोग भी वहां जंगल के पास देखे गए थे. इसके बाद ही शिलांग पुलिस ने सोलहवें दिन जैसे ही हत्याकांड का राजफाश किया, सत्रहवें दिन सोनम व राज को पता चल गया कि अब वह कभी भी पकड़े जा सकते है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गाइड के बयान ने जांच को निर्णायक दिशा में मोड़ दिया था. उसने यह भी बताया कि जिन लोगों को वह सोनम और राजा के साथ देख रहा था, वे स्थानीय नहीं थे. बस यही वह बयान था, जिसने पुलिस को इस दिशा में सोचने पर मजबूर किया कि यह हत्या एक पूरी तरह से सुनियोजित साजिश हो सकती है.
हत्याकांड का ताना-बाना और उसके बाद की हलचल
राजा की हत्या के बाद सोनम ने दावा किया था कि वह गाड़ी फिसलने की वजह से दुर्घटना में गिरी और राजा लापता हो गया. लेकिन घटनास्थल के आसपास मिले पेड़ काटने वाले औजार से हमले के निशान, राजा के शरीर पर पाई गईं गंभीर चोटें और खाई में पाई गई लाश की स्थिति से पुलिस का शक गहराता गया. जांच के दौरान शातिर सोनम व राज दोनों ने अपने बयान कई बार बदले. लेकिन जब यह जानकारी सामने आई कि गाइड ने तीन अजनबियों को सोनम के साथ देखा था, तो पुलिस को यकीन हो गया कि सोनम और राज अकेले नहीं थे.
17 वें दिन शिलांग पुलिस को मिला था ब्रेकथ्रू क्लू
शिलांग पुलिस की विशेष टीम ने 17 वें दिन इस केस में पहला बड़ा ब्रेकथ्रू हासिल किया. गाइड के बयान और घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने सोनम और राज कुशवाह से दोबारा कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद हत्या की परतें खुलती चली गईं.
अब डेमथ्रिंग जेल में दोनों आरोपी
सोनम और राज को शिलांग की कोर्ट ने 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. दोनों को अब डेमथ्रिंग जेल में रखा गया है, जहां इनसे आगे की पूछताछ के लिए पुलिस जल्द ही रिमांड की मांग कर सकती है.
अब भी बाकी हैं कई सवाल
इस केस में अब भी कई पहलू अनसुलझे हैं, जैसे क्या घटना स्थल पर सच में पांच लोग मौजूद थे?, क्या स्थानीय किसी व्यक्ति ने मदद की थी?, हत्या में और कौन शामिल हो सकता है?,पुलिस इन तमाम सवालों के जवाब ढूंढने में जुटी है. लेकिन जिस तरह से सोनम और राज पर शक की सूई घूमी है, उससे ये साफ हो गया है कि यह कोई हादसा नहीं, एक पूर्व नियोजित हत्या ही थी, जिसमें सब कुछ सोच-समझ कर अंजाम दिया.
