रतलाम: भीषण गर्मी के बीच शहर में गहराते जल संकट ने अब लोगों का सब्र तोडऩा शुरू कर दिया है। कई कॉलोनियों में तीन से चार दिन में एक बार पानी पहुंच रहा है, जबकि कई क्षेत्रों में लोग पूरी तरह टैंकरों के भरोसे हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने से रविवार को शहर के अलग-अलग हिस्सों में लोगों का गुस्सा सडक़ों पर फूट पड़ा।
डोसीगांव स्थित पीएम आवास मल्टी में पानी की समस्या से परेशान रहवासियों ने रविवार दोपहर शहर के प्रवेश मार्ग फोरलेन पर चक्काजाम कर दिया। बड़ी संख्या में महिलाएं खाली बर्तन लेकर पुराने आरटीओ ऑफिस के बाहर जावरा रोड पर बैठ गईं और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कई दिनों से पर्याप्त जल सप्लाई नहीं हो रही है और शिकायत करने के बावजूद अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। रहवासियों का कहना था कि गर्मी में सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ रही है।
पानी के लिए लोगों को निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है। अचानक हुए चक्काजाम के कारण फोरलेन और जावरा रोड पर यातायात प्रभावित हो गया। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द नियमित जलप्रदाय शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच जल संकट अब शहर में बड़ा जनआक्रोश बनता दिखाई दे रहा है।
निगम प्रशासन ने टंकरों की व्यवस्था कराई
स्थिति बिगडऩे की सूचना मिलते ही औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी गायत्री सोनी, नगर निगम के इंजीनियर और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन रहवासी पहले स्थायी समाधान की मांग पर अड़े रहे। बाद में निगम प्रशासन द्वारा टैंकरों से पानी की व्यवस्था कराए जाने के बाद प्रदर्शन शांत हुआ
