अस्पताल: प्रसूति वार्ड में पानी, बारिश से नवजातों और प्रसूताओं की जान पर बन आई

गुना। जिले में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही बारिश ने जहां शहर के आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त किया है, वहीं जिला अस्पताल का प्रसूति वार्ड तो मानो नरक बन गया है। हालात इतने भयावह हैं कि वार्ड के फर्श पर चारों ओर पानी फैला हुआ है, छत से लगातार टपकते पानी के नीचे महिलाएं अपने नवजात शिशुओं को बचाती नजर आईं। शुक्रवार को दिनभर हुई झमाझम बारिश के बाद प्रसूति वार्ड में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। जर्जर छतों और दीवारों से टपकते पानी ने वार्ड को तालाब में तब्दील कर दिया। वार्ड के भीतर जूते-चप्पल पानी में तैरते दिखाई दिए, जबकि फर्श पर जगह-जगह गड्ढों में जमा पानी ने मरीजों और उनके परिजनों के लिए चलना-फिरना तक दूभर कर दिया।

सबसे अधिक पीड़ा का दृश्य तब देखने को मिला जब प्रसूताएं अपने नवजातों को भीगने से बचाने के लिए पलंग के एक कोने में सिकुडक़र बैठी रहीं। कोई अपने शिशु को रजाई से ढांक रही थी, तो कोई टपकते पानी से बचाने के लिए प्लास्टिक की थैली तान रही थी। इस भयावह स्थिति में वार्ड में साफ-सफाई, सुखा पोंछा या राहत के नाम पर कोई भी स्वास्थ्यकर्मी नजर नहीं आया। यह स्थिति कोई पहली बार नहीं बनी है। बीते तीन-चार दिनों से प्रसूति वार्ड में बारिश के कारण यही हालात हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेने की जहमत तक नहीं उठाई। न छत की मरम्मत हुई, न पानी की निकासी का कोई इंतजाम। जब शुक्रवार को भारी बारिश हुई, तो हालात और बदतर हो गए।

गौरतलब है कि गुना जिला अस्पताल का प्रसूति वार्ड पहले से ही अव्यवस्थाओं और लापरवाही के लिए बदनाम रहा है। यहाँ आए दिन प्रसूताओं से पैसे मांगने, स्टाफ द्वारा दुव्र्यवहार करने और सुविधाओं की घोर कमी की शिकायतें मिलती रही हैं। कई बार तो प्रसव के दौरान उचित देखरेख न होने से प्रसूताओं और नवजातों की जान तक चली जाती है। जनता और जनप्रतिनिधियों द्वारा बार-बार शिकायत करने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने वार्ड की दशा सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जहां एक ओर सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर योजनाएं चला रही है, वहीं जमीनी स्तर पर अस्पतालों में व्यवस्थाओं की यह सच्चाई सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर लापरवाही पर क्या कदम उठाते हैं। बारिश का दौर अभी थमा नहीं है और यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो यह बदइंतजामी किसी बड़ी अनहोनी को भी जन्म दे सकती है।

Next Post

मंडला में रोटरी क्लब ने स्थानीय सहभागिता से किया वृक्षारोपण का आयोजन

Fri Jun 20 , 2025
मंडला। बदलते मौसम, बढ़ते तापमान और घटते हरियाली के बीच जब पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता हर दिन और अधिक गहराई से महसूस की जा रही है, ऐसे समय में रोटरी क्लब मंडला ने एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल करते हुए एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। सकरी आमानाला जबलपुर […]

You May Like

मनोरंजन

एस. एस.राजामौली ने महेश बाबू की फिल्म वाराणसी के लिए हैदराबाद में बनाया आलीशान सेट मुंबई, 25 मार्च (वार्ता) फिल्मकार एस. एस. राजामौली ने अपनी आने वाली फिल्म ‘वाराणसी’ के लिए हैदराबाद में आलीशान सेट बनाया है। फिल्म वाराणसी में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा जोनस और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिकाओं में हैं।अभी इस फिल्म का प्रोडक्शन चल रहा है और यह हैदराबाद में लगाए गए शानदार सेटों के लिए खूब सुर्खियां बटोर रही है, जहाँ बड़े पैमाने पर वाराणसी की झलक को फिर से बनाया गया है। प्रतिष्ठित मंदिरों और आलीशान महलों के डिजाइन से लेकर बारीक से बारीक बनावट तक, ये सेट वाराणसी से इतने मिलते-जुलते हैं कि कोई भी यह महसूस किए बिना नहीं रह सकता कि वे साक्षात उसी पवित्र शहर के बीचों-बीच खड़े हैं। घाटों, मंदिरों और वहाँ के माहौल को इतनी बारीकी से डिजाइन किया गया है कि वाराणसी की रूह को पूरी तरह से उसमें उतारा जा सके, जिससे ये सेट एकदम असली नजर आ रहे हैं। चर्चा को और बढ़ाते हुए, ‘वाराणसी’ से महेश बाबू का ‘रुद्र’ के रूप में दमदार लुक, पृथ्वीराज सुकुमारन का ‘कुंभा’ के रूप में इंटेंस पहला लुक और प्रियंका चोपड़ा जोनस का ‘मंदाकिनी’ के रूप में रौबदार अवतार पहले ही सामने आ चुका है, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और पूरे देश में एक्साइटमेंट भर दी है। इन शानदार झलकियों ने उम्मीदें बहुत बढ़ा दी हैं, और अब दर्शकों का इंतज़ार सातवें आसमान पर है क्योंकि हर कोई इस भव्य सिनेमाई अनुभव का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा है, जो सात अप्रैल, 2027 को बड़े पर्दे पर एक ग्रैंड रिलीज के लिए तैयार है।