
जबलपुर। माध्यमिक शिक्षा मंडल 10वीं और 12वीं के नतीजे घोषित होने के बाद जिन स्टूडेंट्स ने इस साल परीक्षा नहीं दी या फिर इस परीक्षा में अपने नंबरों से खुश नहीं है या एग्जाम में फेल हो गए हैं, उनकी दोबारा परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। जिसमें पहले ही दिन बारहवीं कक्षा में एक नकल प्रकरण सामने आया है। परीक्षा प्रभारी आर के बधान से मिली जानकारी के अनुसार एमपी बोर्ड 10वीं, 12वीं की दोबारा परीक्षा 17 जून से शुरू हो चुकी हैं, जिसमें 17 को दोनों ही कक्षा में हिंदी विषय का पेपर था। बारहवीं के पेपर के लिए जिले में कुल 48 केंद्र स्थापित किए थे, जिसमें 842 विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल होने वाले थे, जिसमें से 751 विद्यार्थियों ने यह परीक्षा दी है, जबकि 91 विद्यार्थी पहले ही पेपर में अनुपस्थित थे।
शहरी क्षेत्र में बना नकल प्रकरण
जानकारी के अनुसार जिले में चल रही दोबारा बोर्ड परीक्षाओं में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें शहरी क्षेत्र के 25 और ग्रामीण क्षेत्र के 23 केंद्रों में परीक्षा आयोजित की जा रही है। वहीं पहले ही पेपर में शहरी क्षेत्र के केंद्र क्रमांक 702084 में नकल प्रकरण सामने आया है।
दसवीं में ग्रामीण क्षेत्र से 250 विद्यार्थी अनुपस्थित
मंगलवार से शुरू हुई दोबारा बोर्ड परीक्षा में दसवीं में भी हिंदी विषय का पेपर था। जिसके लिए भी जिले में 48 केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिसमें शहरी के 25 और 23 ग्रामीण क्षेत्र के हैं। वहीं इस परीक्षा में कुल 1345 विद्यार्थी शामिल होने वाले थे जिसमें से 1076 विद्यार्थियों ने यह परीक्षा दी है। जबकि 269 विद्यार्थी परीक्षा में अनुपस्थित थे। गौरतलब है कि इन अनुपस्थित होने वाली संख्या विद्यार्थियों की संख्या में शहरी क्षेत्र से मात्र 19 और ग्रामीण क्षेत्र से पूरे 250 विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल नहीं हुए हैं। जिसके लिए शिक्षा विभाग पर प्रश्न उठ रहा है कि दसवीं जैसी प्रमुख परीक्षा में इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल क्यों नहीं हो पाए।
