
गुना। शहर में बीते दो दिनों से जारी बारिश ने नगर पालिका की सफाई और जल निकासी व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी है। शनिवार रात हुई 1 घंटे से अधिक समय की झमाझम बारिश के दौरान 21.6 मिमी पानी दर्ज किया गया। बारिश थमने के बाद रविवार को शहर के अधिकांश हिस्सों में गंदगी, कीचड़ और जलभराव का आलम देखने को मिला। सडक़ें नालियों में तब्दील हो गईं और लोग फिसलकर गिरते नजर आए। स्थिति यह रही कि दुकानदारों को खुद वाइपर और झाड़ू से दुकान के सामने जमा कीचड़ को हटाना पड़ा। नगर में ऐसे कई प्रमुख स्थान हैं, जहां हालात बेहद खराब हैं। निर्माणाधीन इलाकों में मिट्टी गीली होकर कीचड़ में तब्दील हो गई है, वहीं नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही। स्थिति से आमजन, व्यापारी, मरीज और स्कूली बच्चे सभी परेशान हैं।
सब्जी मंडी: कीचड़ से पटी सडक़, दुकानदार परेशान
पुरानी गल्ला मंडी के पास सब्जी मंडी की ओर जाने वाली हाट रोड पर भारी जलभराव हो गया। सबसे बुरी स्थिति मंडी परिसर की रही, जहां जगह-जगह पानी भरने से दुर्गंध युक्त कीचड़ बन गई। रविवार को स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दुकानदार अपनी दुकानों के सामने खुद वाइपर से कीचड़ साफ करते नजर आए। इस बदबूदार कीचड़ में राहगीर भी फिसलकर गिर रहे हैं। मंडी में साफ-सफाई का कोई इंतजाम नहीं है, जिससे आक्रोश बढ़ रहा है।
जिला अस्पताल गेट पर कीचड़, मरीजों को भारी दिक्कत
जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर निर्माण कार्य पिछले कई महीनों से अधूरा पड़ा है। बारिश के कारण मिट्टी दलदल में बदल गई है। यह कीचड़ अब मरीजों और उनके परिजनों की मुसीबत बन गया है। फिसलन इतनी ज्यादा है कि हर आने-जाने वाला गिरने से बचने के लिए संघर्ष करता दिखा। स्टाफ और डॉक्टरों को भी इसी मार्ग से होकर आना पड़ता है, जिससे पूरे अस्पताल प्रबंधन को असुविधा हो रही है।
