
छिंदवाड़ा। पत्थर से सिर कुचलकर पत्नी को मौत के घाट उतारने वाले हत्यारे पति को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाया है. विशेष लोक अभियोजक अखिल कुमार कुशराम ने घटना के संबंध में बताया कि आरोपी दुर्गाप्रसाद उर्फ दुर्गेश भूमिया पिता बेनीप्रसाद भूमिया 30 साल निवासी बरेला जिला जबलपुर ने मृतिका आरती उर्फ शारदा उर्फ गोदावरी से प्रेम विवाह किया था . आरोपी दुर्गाप्रसाद उर्फ दुर्गेश भूमिया अपनी पत्नी मृतिका आरती उर्फ शारदा उर्फ गोदावरी के चरित्र पर शक करता था और उसे घर से निकलने नहीं देता था ना ही किसी से बात करने देता था. आरोपी दुर्गाप्रसाद उर्फ दुर्गेश भूमिया ने घटना के एक-दो माह पूर्व स्वयं की तबियत ठीक करने के बहाने अपनी पत्नी एवं बच्चों सहित जामसांवली मंदिर सौंसर में आकर रहने लगा एवं योजना के तहत 25 जनवारी 2024 को अपनी पत्नी आरती के साथ ग्राहक सेवा केन्द्र सौंसर से रुपए निकालने के बहाने सौंसर आया एवं ग्राहक सेवा केन्द्र सौंसर से रुपए निकालकर ग्राम सांवली के पगडंडी के रास्ते से वापस आने के दौरान पंजाबराव के खेत के पास मृतिका आरती का पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी एवं उसकी लाश वहीं छोडकर जामसांवली मंदिर वापस आ गया और अपनी बेटीयों को बताया कि अब तुम्हारी मां कभी नहीं आयेगी. उक्त घटना पर से थाना सौंसर में आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीचद्ध किया गया, प्रकरण में विवेचनाकर्ता अधिकारी उपनिरीक्षक बलवंतसिंह कौरव द्वारा प्रकरण की विवेचना की गई एवं विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा सशक्त पैरवी की गई. अभियोजन के तर्कों से संतुष्ट होकर अतिरिक्त अपर सत्र न्यायाधीश सौंसर ने आरोपी दुर्गाप्रसाद उर्फ दुर्गेश भूमिया को धारा 302, भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000 रू अर्थदंड, एवं धारा-201, भादवि में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रू अर्थदंड से दण्डित किया.
