
जबलपुर। पास्को एक्ट में सजा से दंडित युवकों को हाईकोर्ट से जमानत का लाभ मिल गया है। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल तथा जस्टिस देव नारायण मिश्रा की युगलपीठ ने पीड़िता की उम्र के संबंध में विरोधाभास होने के कारण जमानत का लाभ प्रदान किया है।
भोपाल निवासी सद्दाम हुसैन उर्फ छोटे को जिला न्यायालय ने जनवरी 2023 को पोक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा से दंडित किया था। सजा से दंडित किये जाने के खिलाफ तथा जमानत के लिए अपीलकर्ता ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। अपील में कहा गया था कि पीड़िता उसकी बुआ की बेटी है। विवाद के कारण उसे झूठा फंसाया गया है और डीएनए परीक्षण नहीं हुआ है। पीडिता की आयु भी संदिग्ध है, स्कूल शिक्षक तथा माता-पिता के द्वारा बताई गयी तिथि में अंतर है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद अपीलकर्ता को जमानत का लाभ प्रदान कर दिया।
