ग्वालियर। शहर में कोरोना की रफ्तार और तेज हो गई है, जो हालात पिछले 9 दिन में बने हैं उससे एक बात तो साफ हो गई है कि जेएएच कोरोना का हॉटस्पॉट बन कर सामने आया है। शहर में कोरोना संक्रमित पहला मरीज 3 जून को सामने आया था, तब से आज तक 24 मरीज मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावे फेल होते नजर आ रहे हैं कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इन दावों के बीच कोरोना का संक्रमण शहर के हर हिस्से में जा पहुंचा है। कोरोना के जो नए मामले सामने आए हैं उनमें सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति जेएएच से निकलकर सामने आई है। इन संक्रमित मरीजों में जेएएच के माइक्रोबॉयलॉजी विभाग की 29 वर्षीय एक पीजी छात्रा सहित दो एमबीबीएस की छात्राओं के शामिल होने की खबर है। एमबीबीएस की दो छात्राओं में से एक छात्रा दीनदयाल नगर और दूसरी पीथमपुर कॉलोनी गुड़ा निवासी बताई गई है। तीनों ही मेडिकल छात्राओं की कोई ट्रेवल हिस्ट्री सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि अस्पताल में काम करते हुए ही तीनों छात्राएं कोरोना से संक्रमित हुई है। इससे पहले जेएएच के तीन अन्य जूनियर डॉक्टर्स कोरोना की चपेट में आ चुके है। लिहाजा जयारोग्य फिलहाल कोरोना के हॉटस्पॉट के रूप में सामने आ रहा है। बताया जाता है कि इसकी मुख्य वजह जयारोग्य अस्पताल में आने वाले वह अन-आईडेंटीफाइड कोरोना के मरीज हैं, जिन्हे कोरोना का संक्रमण तो है पर इसकी जानकारी उन्हें खुद नहीं है। वहीं किशनबाग बहोड़ापुर निवासी 22 वर्षीय एक युवक भी कोरोना ग्रसित
आया है। सभी को सर्दी, जुकाम की शिकायत थी, जिसके चलते कोविड की जांच कराई थी। सभी को होम आइसोलेशन में रखा गया है। जिले में कोविड मरीजों की संख्या अब बढ़कर 24 पर पहुंच गई है।
