द्विपक्षीय सैन्य सहयोग बढाने की कवायद के तहत श्रीलंकाई सेना के कमांडर भारत यात्रा पर

नयी दिल्ली 11 जून (वार्ता) श्रीलंका सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीकेजीएम लासांथा रोड्रिगो द्विपक्षीय सैन्य सहयोग बढाने के उद्देश्य से चार दिन की आधिकारिक यात्रा पर बुधवार को यहां पहुंचे।

रक्षा मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को बढ़ाना तथा विशेष रूप से प्रशिक्षण और क्षमता वृद्धि के क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशना है। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को पता चलता है।

श्रीलंकाई सैन्य अधिकारी ने यात्रा के पहले दिन यहां राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर पुष्पांजलि अर्पित की और देश सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद लेफ्टिनेंट जनरल रोड्रिगो को साउथ ब्लॉक लॉन में औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित इस औपचारिक कार्यक्रम को महत्वपूर्ण संकेत के रूप में दोनों देशों के बीच स्थायी मित्रता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।

श्रीलंकाई अधिकारी ने उच्च स्तरीय बैठकों में हिस्सा लिया। सबसे पहले उन्होंने सेना उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि के साथ गहन बातचीत की। दोनों सैन्य नेताओं ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के पहलुओं सहित व्यापक मुद्दों पर चर्चा की। बाद में लेफ्टिनेंट जनरल रोड्रिगो को ऑपरेशन सिंदूर और भारत के सुरक्षा परिप्रेक्ष्य के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें भारतीय सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी आपसी हितों के मामलों के बारे में जानकारी दी।

लेफ्टिनेंट जनरल रोड्रिगो ने नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से भी मुलाकात की। इन बैठकों में आपसी हितों के मामलों पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापक रक्षा और सुरक्षा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

श्रीलंकाई सैन्य अधिकारी ने मानेकशॉ सेंटर में एक पौधा भी लगाया जो भारतीय और श्रीलंका सेना के समय की कसौटी पर परखे गये संबंधों का प्रतीक है।

लेफ्टिनेंट जनरल रोड्रिगो कल जयपुर का दौरा करेंगे और दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह से मुलाकात करेंगे। वह 14 जून को को समीक्षा अधिकारी के रूप में भारतीय सैन्य अकादमी , देहरादून में पासिंग आउट परेड में शामिल होंगे। यह यात्रा उस अकादमी में उनकी ‘मार्मिक वापसी’ होगी, जहां उन्हें दिसंबर 1990 में 87वें कोर्स के साथ कमीशन दिया गया था। अकादमी में उनके शानदार सैन्य करियर की नींव रखी गयी थी। अकादमी में उनकी उपस्थिति उनके प्रारंभिक वर्षों की यादों को फिर से ताजा करेगी। समारोह में एक व्यक्तिगत और भावनात्मक आयाम जोड़ते हुए श्रीलंका सेना के ब्रिगेडियर आरएमएसपी रथनायके भी अपने बेटे, विदेशी अधिकारी कैडेट आरएमएनएल रथनायके को मौजूदा कोर्स में कमीशन दिए जाने के साक्षी बनेंगे। विरासत और नेतृत्व का यह संगम दोनों सेनाओं के बीच सौहार्द और नेतृत्व के रिश्ते की स्थायी भावना को रेखांकित करता है।

लेफ्टिनेंट जनरल बीकेजीएम रोड्रिगो की भारत यात्रा में कई सार्थक बैठकें शामिल हैं जिनका उद्देश्य श्रीलंका और भारत के बीच रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाना है। यह यात्रा न केवल दोनों देशों की सैन्य संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को उजागर करती है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति पर उनके साझा फोकस को भी रेखांकित करती है।

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