सतना:आनलाईन के माध्यम से फ्राड कर कियोस्क संचालकों से पैसा ठगने वाले दो सदस्यीय गिरोह को सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार करते हुए सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया।थाना प्रभारी सिटी कोतवाली रावेन्द्र द्विवेदी से प्राप्त जानकारी के अनुसार कियोस्क संचालकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक टीम गठित कर उक्त अज्ञात व्यक्ति के संबंध मे विभिन्न स्रोतों से जानकारी एकत्रित की गई। मुखबिर से प्राप्त सूचना एवं जांच के दौरान आए तथ्यो के आधार पर पुलिस ने दो व्यक्तियों को पकडकर उनसे पूछताछ की।
जिनके द्वारा घटना घटित करना स्वीकार किया गया। पुलिस द्वारा विधिवत कार्यवाही करते हुए प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपियो को गिरफ्तार किया गया व घटना मे प्रयुक्त मोबाईल फोन तथा नगदी जप्त की गई है। गिरफ्तार आरोपियो की पहचान पवन कुमार सिंह उम्र 34 वर्ष निवासी बांसगांव टिकैतनगर बाराबंकी उ.प्र. और अंकुर सिंह उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम दुरौनी थाना परसपुर जिला गोंडा उ.प्र. के तौर पर हुई।
पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आए कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले दोनों आरोपी ट्रेन के माध्यम से सतना पहुंचे और यहां बाइक रेंट पर लेने की कोशिश की, लेकिन जब उन्हें सतना में किराए पर बाइक नहीं मिली, तो उन्होंने रीवा जिले में ऑनलाइन सर्च कर बाइक किराए पर ली। रीवा से बाइक लेकर ये सतना लौटे और अपराध की योजना बनाई। आरोपियों ने बताया कि वे जिस जिले से बाइक किराए पर लेते हैं, वहां कोई अपराध नहीं करते, ताकि उनकी पहचान उजागर न हो।
कियोस्क संचालक होते थे निशाना
इनका मुख्य निशाना कियोस्क संचालक होते थे। ये पहले कैश से भरा बैग दिखाकर दुकानदार का विश्वास जीतते थे। फिर 2000 रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहते थे और 2000 रुपये नकद देते थे। कुछ समय बाद व्यस्तता का फायदा उठाते हुए कियोस्क में उपलब्ध अधिकतम राशि को अपने खाते में ट्रांसफर कर देते थे और ट्रांजेक्शन का नोटिफिकेशन डिलीट कर देते थे, जिससे दुकानदार को पता नहीं चलता। इसके बाद ये मौके से फरार हो जाते थे।
ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म
आरोपी एक ऑनलाइन कैसिनो और क्रिकेट सट्टा वेबसाइट का उपयोग करते थे, जिससे उनका खाता निजी न होकर गेमिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ा होता था। इससे यदि पीड़ित 1930 पर कॉल कर शिकायत करता था और खाता होल्ड होता था, तो वह ऑनलाइन गेमिंग कंपनी का होता था, जिससे आरोपियों की पहचान और पकड़ में मुश्किल होती थी।
