इंदौर: आधार कार्ड अपडेटेशन की प्रक्रिया एक दिव्यांग युवक के लिए वरदान साबित हुई. 13 साल से लापता और परिजनों द्वारा मृत मान लिया था, यह युवक अब अपने घर लौट आया है. आनंद सर्विस सोसाइटी और युगपुरुष धाम आश्रम की पहल से यह मुमकिन हो सका. सालों बाद मिले बेटे को पा कर परिजनों में खुशी छा गई.
जानकारी के अनुसार दिव्यांग युवक बीते चार साल से आनंद सर्विस सोसाइटी और आठ साल से युगपुरुष धाम आश्रम, इंदौर में रह रहा था.
न तो वह कुछ बोल पाता था और न ही अपने बारे में जानकारी दे सकता था. आश्रम ने जब उसका आधार कार्ड आयुष्मान योजना और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अपडेट कराया, तो उसमें पुराना मोबाइल नंबर दर्ज मिला. आधार अपडेशन के बाद उसी नंबर पर परिवार तक सूचना पहुंची और एक नई उम्मीद जगी. परिजनों ने जैसे ही आधार कार्ड की प्रति देखी, उन्होंने संभावित रिश्ते की पुष्टि के लिए खोजबीन शुरू की.
मोबाइल नंबर के जरिए संपर्क साधते हुए आखिरकार वह सागर स्थित संस्था तक पहुंचे, जहां दिव्यांग को पहचान लिया. संस्था और प्रशासन की मदद से दस्तावेज सत्यापन के बाद युवक को परिजनों के सुपुर्द कर दिया, भावुक क्षणों में परिवार ने कहा कि उन्होंने उसे मृत मान लिया था, लेकिन यह आधार अपडेट उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं. सेवा संस्था के सदस्यों ने बताया कि वे समय-समय पर ऐसे दिव्यांगों के दस्तावेज अपडेट कराकर सरकारी योजनाओं से जोड़ते हैं. इस मामले में आधार अपडेट एक माध्यम बन गया, जिसने एक परिवार को खोया हुआ बेटा लौटा दिया.
